राजनांदगांव: मोहारा फिल्टर प्लांट में मंगलवार रात क्लोरीन गैस रिसाव की घटना से हड़कंप मच गया। हालांकि समय में स्थिति नियंत्रण पाने बड़ी घटना टल गई। इस घटना के बाद एक बार फिर निजी एजेंसी के हाथों में वाटर प्लांट संचालन असुरक्षित होने की पुष्टि हुई है। पिछले ढाई वर्षों में सीएमएसी-तेजस कंस्ट्रक्शन के संचालन में लगातार वाटर प्लांट में घटनाएं, लापरवाही के मामले बढ़े हैं। बता दें कि, निगम एजेंसी को इस प्लांट के संचालन के लिए हर महीने करीब 16 लाख रुपये का भुगतान कर रही है।
घटना के बाद बुधवार को महापौर ने अधिकारियों के साथ प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने निगम और प्लांट संचालन कंपनी के अधिकारियों को पेयजल जैसी आवश्यक सेवा से जुड़े इस संवेदनशील स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए। महापौर ने अधिकारियों से घटना की जानकारी ली और कहा कि प्लांट कर्मियों की सतर्कता से समय रहते स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया, जिससे कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए सभी सुरक्षा इंतजाम पूरी तरह दुरुस्त रखे जाएं और कर्मचारियों को हर समय सतर्क रहना होगा। इस दौरान निगम अध्यक्ष पारस वर्मा, पार्षद आलोक श्रोती और कनिष्ठ सभापति संदीप बघेल, कार्यपालन अभियंता यूके रामटेके, प्रभारी सहायक अभियंता गरिमा वर्मा सहित निगम और संचालन कंपनी के अधिकारी मौजूद रहे।
सिलेंडर टंकी में डूबोया, अलर्ट पर था दमकल
क्लोरिन गैस का रिसाव होते ही प्लांट के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। तेजी से निकलती गैस के चलते सिलेंडर के पास जाकर उसे बंद करने में भी मुश्किल आ रही थी। इससे दम घुटने की भी आशंका बनी हुई थी। जैसे तैसे सिलेंडर को पानी की टंकी में डूबोया गया जिसके बाद इसके खत्म होने तक प्रतीक्षा की गई। अधिकारी रात तीन बजे तक प्लांट में ही डटे रहे। अनहोनी की आशंका पर दमकल को अलर्ट पर रखा गया था।