राजनांदगांव : शहर कांगे्रस के पूर्व महामंत्री एवं पूर्व पार्षद हेमंत ओस्तवाल ने एक पत्र के माध्यम् से राजनांदगांव शहर के विधायक डॉ. रमन सिंह जी से यह मांग की है कि आपके जिला मुख्यालय राजनांदगांव के तेज तर्रार और ईमानदार कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव जी के द्वारा जो १५० एकड़ क्षेत्रफल में अवैध प्लाटिंग करने वाले मनगटा क्षेत्र के कालोनाईजरो/भूमिस्वामियों के द्वारा जो शासन के नियम विरूद्ध अवैध निर्माण/ शासकीय भूमि को कब्जा कर जो अतिक्रमण किया गया उसे राजनांदगांव जिले के दबंग कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव जी के निर्देश पर जो बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण के कुछ हिस्से को तोड़ा गया वह काबिल-ए-तारिफ है लेकिन जो भवन आदि बने है वे क्यों नहीं टूटे है और डॉ. रमन सिंह जी से चाहूंगा कि राजनांदगांव जिले के कलेक्टर जितेन्द्र यादव जी के द्वारा पूर्व में भी अवैध प्लाटिंग, अवैध धान आदि मामलो में जो आक्रमक भूमिका निभा रहे है उसे शहर के जागरूक जनप्रतिनिधि आमजनता में एक अच्छा संदेश जा रहा है कि डॉ. रमन सिंह जी के क्षेत्र में कई वर्षो के बाद कोई दबंग कलेक्टर राजनांदगांव को मिला है इसलिए जितेन्द्र यादव जी को शासन के नियम विरूद्ध काम करने वाले लोगो के खिलाफ कार्यवाही हेतु फ्री हैण्ड दिया जाना चाहिए क्योंकि डॉ. रमन सिंह जी का क्षेत्र होने के कारण अधिकांश मामले लेनदेन करके वर्षो से दब रहे है? जो आम जनता और शासन के हित में नहीं है इसलिए कलेक्टर जितेन्द्र यादव से मांग है कि राजनांदगांव जिला मुख्यालय में पूर्व में एसडीएम गौतम पाटिल एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों एवं निगम के अधिकारियों के द्वारा राम दरबार मंदिर रायपुर नाका क्षेत्र में लगभग ३० एकड़ एवं पार्रीकला क्षेत्र निगम सीमा के बाहर में लगभग कई एकड़ो में अवैध प्लाटिंग करने वाले जिन भूमि स्वामियों को एसडीएम कार्यालय/निगम की भवन अनुज्ञा शाखा के द्वारा नोटिस खाली जारी कर जो लाखो रूपयो का लेनदेन कर दबा दिया गया?
उस पर गौर करने की जिले के दबंग कलेक्टर को आवश्यकता प्रथम दृष्टया है क्योंकि नोटिस के बाद ना तो एसडीएम गौतम पाटिल के द्वारा ना तो तहसीलदार और ना ही निगम आयुक्त और ना ही भवन अधिकारी के द्वारा अवैध प्लाटिंग करने वाले भूमि स्वामियों पर कोई कार्यवाही नहीं की गई और उल्टा जो समाचार पत्रों में खसरे नंबर प्रकाशित हुए कई खसरे के भूमि स्वामियों को नोटिस ही जारी नही हुई इसलिए जिले के कलेक्टर जितेन्द्र यादव जी से अनुरोध है कि जिस तरह पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह जी के विधानसभा क्षेत्र के जिला मुख्यालय राजनांदगांव के मनगटा क्षेत्र में १५० एकड़ क्षेत्र में अवैध रिसॉर्ट, मैरिज हॉल आदि का जो निर्माण शासन के नियम विरूद्ध होने पर आपके द्वारा कार्यवाही कर जो बुलडोजर चलाया गया उसके लिए राजनांदगांव जिले की जनता और जागरूक जनप्रतिनिधियों की ओर से आपको बहुत-बहुत धन्यवाद लेकिन राजनांदगांव एसडीएम और तहसीलदार के अधिनस्थ संबंधित क्षेत्र के पटवारी, आरआई, राजस्व निरीक्षक एवं उपसंचालक नगर ग्राम निवेश विभाग के द्वारा अधिकारियों की भूमिका इस अवैध निर्माण में जो संलिप्त है क्या उसका खुलासा करवाएंगे और उन भ्रष्ट अधिकारियों एवं अवैध प्लाटिंग कर निर्माण करने वाले आवासीय / गैर आवासीय भवन का निर्माण करने वाले भूमि स्वामियों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज १५ दिनों के भीतर एसडीएम गौतम पाटिल आदि विभाग प्रमुख संबंधित अधिकारियों से एफआईआर दर्ज का खुलासा करवा पाएंगे यह एक प्रश्न चिह्न इसलिए लग गया है क्योंकि पूर्व में एसडीएम गौतम पाटिल के द्वारा पार्रीकला क्षेत्र में जो दिनांक ३०/१२/२०२५ को नोटिस क्र. ५४८९/प्रवा-२/आ.वि.अ./२०२५ को जो जिनेन्द्र जैन और संदीप पारख को विभिन्न खसरो पर कालोनी विकास से संबंधित नोटिस जारी कर जो फाईल दब गई है मनगटा क्षेत्र के झूराडबरी क्षेत्र में कहीं अवैध प्लाटिंग की नोटिसे एसडीएम के द्वारा पूर्व में जारी की जा चुकी है लेकिन सारे मामले ऐसा लगता है कि लेनदेन करके शासन को वित्तीय हानि पहुंचाकर जो नोटिस एवं एफआईआर की गीदड़ धमकी देकर जो खेल हुआ है? उस पर रोक लगाते हुए इस १५० एकड़ अवैध प्लाटिंग के संलिप्त सभी भूमि स्वामी और एसडीएम कार्यालय राजस्व विभाग एवं उपसंचालक नगर निवेश विभाग एवं तहसीलदार और उनके अधिनस्थो की जो संलिप्तता है उसकी उच्च स्तरीय जांच किसी ईमानदार अधिकारियों की टीम गठित कर सभी दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाते हुए सक्त कार्यवाही १५ दिवस के अंदर जिले के कलेक्टर जितेन्द्र यादव जी से मांग है।