किरंदुल। शारदीय नवरात्रि के छठे दिन आज शुक्रवार को किरंदुल के राघव मंदिर में मां कात्यायनी की विशेष पूजा-अर्चना की गई।मंदिर के प्रथम पुजारी सत्येंद्र प्रसाद शुक्ल ने जानकारी देते हुए बताया कि नवरात्रि का छठा दिन मां कात्यायनी को समर्पित होता है, जो शक्ति, साहस और धर्म की प्रतीक मानी जाती हैं। देवी कात्यायनी का जन्म महर्षि कात्यायन के तपस्या से हुआ था, इसलिए इन्हें कात्यायनी कहा जाता है।
पूजा विधि और महत्व:
पुजारी जी ने बताया कि आज के दिन मां को पीले फूल, शहद और पीले वस्त्र अर्पित करना अत्यंत शुभ होता है। मां कात्यायनी को साहस और विजय की देवी माना जाता है।
प्रिय भोग: मां कात्यायनी को शहद का भोग अति प्रिय है।
मान्यता है कि इस दिन मां के दर्शन-पूजन से भक्तों को साहस, शक्ति प्राप्त होती है और वैवाहिक जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।