राजनांदगांव: बच्चों की प्रतिभा को निखारने के लिए सिर्फ किताबों का ज्ञान ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उन्हें अपने विचारों और कल्पनाओं को खुलकर व्यक्त करने का अवसर भी मिलना चाहिए। इसी सोच को साकार करते हुए शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला ओडारबांध, संकुल तिलईरवार, विकासखंड डोंगरगांव की शिक्षिका सपना सिंह ने अनूठी पहल की है। उन्होंने अपने स्वयं के व्यय से विद्यालय में ग्रीन बोर्ड लगवाया है, ताकि बच्चे पढ़ाई के साथ अपनी रचनात्मक प्रतिभा को भी खुलकर सामने ला सकें। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को पाठ्यपुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय उनकी कल्पनाशीलता, अभिव्यक्ति, आत्मविश्वास और सहभागिता को बढ़ावा देना है। अब विद्यार्थी ग्रीन बोर्ड पर अपने विचार लिख सकेंगे, मनपसंद चित्र बना सकेंगे तथा कविताओं, कहानियों और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा प्रदर्शित कर सकेंगे।
हर बच्चे में प्रतिभा छिपी होती है
शिक्षिका सपना सिंह का मानना है कि प्रत्येक बच्चे में कोई न कोई विशेष प्रतिभा छिपी होती है। जरूरत केवल उसे पहचानने और आगे बढ़ने का अवसर देने की है। इस तरह की गतिविधियों से बच्चों की झिझक दूर होगी और उनमें आत्मविश्वास, संवाद कौशल तथा सीखने के प्रति रुचि विकसित होगी। उनकी यह पहल कक्षा को केवल पढ़ने-पढ़ाने का स्थान नहीं, बल्कि बच्चों के विचारों और कल्पनाओं की अभिव्यक्ति का मंच बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। स्वयं के खर्च से की गई यह पहल बताती है कि एक शिक्षक की सकारात्मक सोच और छोटी-सी कोशिश भी बच्चों के भविष्य को नई दिशा दे सकती है।