राजनांदगांव: हर रविवार को मस्ती की पाठशाला में भीड़ बढती जा रही है। अल सुबह से बच्चे अपने परिवार के साथ पहुंचकर पारंपरिक खेलो का मजा ले रहे है। इस सप्ताह भी इसे लेकर हर वर्ग में जोरदार उत्साह देखने को मिला। बच्चे संग युवाओं ने भी भौंरा-बांटी जैसे पारंपरिक खेलों का मजा लिया। फुगड़ी और बिल्ल्स खेलकर जैसे खेलों में सहभागिता कर महिलाओं ने बचपन की यादें ताजा की।
सुबह छह बजे से ही सर्किट हाउस के सामने तथा चौपाटी व उसके सामने भीड का नजारा देखने को मिला है। बच्चे एवं युवा सभी खेलों का आनंद लेकर अपनी प्रतिभा दिखाते दिखे। महिलाओं ने कहा कि पारंपरिक खेल बांटी, भौरा, गिल्ली डंडा, बिल्लस जो लुप्त होते जा रहे हैं वो मस्ती की पाठशाला में देखने को मिली। उन्हाेंने कहा कि यहां आकर उनके बचपन की यादें तरोताजा हो गई। वहीं पुरूषो ने कहा कि जो बच्चे छुटटी के दिन देर तक सोये रहते थे, वे बच्चे सुबह पांच बजे से उठकर पाठशाला में आ जाते हैै। उन्हाेंने कहा कि आज मोबाईल के कारण लोग परिवार और समाज से दुर होते जा रहे है, यहा आकर बच्चों को एक दूसरे के साथ मिलकर खेलते देख ऐसे लगता है कि हमारा बचपन वापस आ गया। सभी ने मस्ती की पाठशाला आयोजन के लिए महापौर सहित निगम प्रशासन का धन्यवाद दिया।
मस्ती की पाठशाला में इस रविवार का आकर्षण, बोरा दौड़, बाटी-चम्मच दौड़, आलू दौड़, रस्सा कसी प्रमुख रूप से था। इसके अलावा मटकी फोड, मोमबत्ती जलाव, बिल्लस, बाटी, भौरा, पिट्टुल तथा रस्सी कुद, बेडमिंटन, तीरंजदाजी, जम्प, कराटे आदि पारंपरिक खेल का बच्चे एवं युवाओ ने बहुत आनंद उठाया। उक्त खेलो में पुरूस्कार भी दिया गया। छोटे बच्चे अपने भाई-बहन व दोस्तो के साथ झुला झुल फिसल पट्टी में फिसल कर मजा लेने के साथ साथ छोटे छोटे खेल में रिंग डालना, निशाना लगाना, ऊंचीकूद में भाग लिए। साथ ही पतंजलि भारत स्वाभिमान न्यास तथा योगासन स्पोर्टस एसोसिएशन गु्रप के साथ योग करने के अलावा रीदम रिवाल्युसन ग्रुप के साथ बडी संख्या में छोटे, बड़े बच्चे परिवार सहित जुंबा डाॅांस में थिरकते नजर आए। वहीं छोटे छोटे बच्चों ने ड्राईंग सीट में चित्रकारी के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन किए। जिसमें अच्छी चित्रकारी करने वाले बच्चो को यामिनी कला केन्द्र के द्वारा पुरस्कृत किया गया।
बच्चों ने घुमाया आग का गोला
बाली अखाडा के छोटे-बड़े बच्चों ने आग का गोला घुमाने के अलावा अखाडा के विभिन्न प्रदर्शन किया जिसे देख लोग आश्चर्य चकित रह गये। इस सप्ताह की पाठशाला को सफल बनाने में बाडी टेक जीम, रीदम रिवाल्युसन गु्रप, योगा ग्रुप, मदर टेरेसा ग्रुप, ब्लड डोनेड संघ, यामिनी कला केन्द्र, राजनांदगांव रनर गु्रप, सहित खेल जगत से हााकी, कराटे, तीरंदाजी के अलावा अन्य संघों की भूमिका रही। मस्ती की पाठशाला में पार्षदों सहित बच्चे, युवा एवं बुजुर्गो की परिवार सहित बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।