रायपुर: समता कॉलोनी निवासी मोतीलाल सचदेव पत्रकारों से चर्चा के दौरान फाइलेरिया का लाइलाज बीमारी दवा एवं उपचार पर शासन और देश के वैज्ञानिकों का ध्यान केंद्रित किया कहां कि धर्मपत्नी विगत चार से पांच वर्षों फाइलेरिया बीमारी से ग्रसित थी तथा उन्होंने हर जगह दिखा पर इलाज नहीं हुआ अंत में देहांत हुआ और भारत देश में उपचार करने के लिए तथा अब तक कोई स्थान नहीं है फाइलेरिया संबंधित गोली शासन से वितरित होती है यह सामान्य प्रक्रिया है पर अगर कोई ग्रसित है फाइलेरिया से तो उसका इलाज देश में नहीं होता। तथा देश के वैज्ञानिकों और सरकार को फाइलेरिया बीमारी उपचार की दवा बननी चाहिए जिससे कि किसी को नुकसान ना हो।
मोतीलाल सचदेव ने कहा कि आज जन्मदिन है और इस मौके पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कहां की फाइलेरिया बीमारी का उपचार दवा बननी चाहिए। कोई काम असंभव नहीं है। शासन प्रशासन और देश के वैज्ञानिकों से मांग की फाइलेरिया बीमारी का उचित उपचार दवा खोज निकालना चाहिए जिससे कि किसी के परिजन ग्रसित उचित उपचार हो सके। फाइलेरिया के लिए एक जन-जागरूकता अभियान चलाएंगे और मांग करेंगे की फाइलेरिया का इलाज दवा देश में बने।