रामकुमार गुप्ता आरंग। नगर पालिका परिषद आरंग में सत्तारूढ़ भाजपा के ही पार्षद अब नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ खुलकर सामने आ गए हैं। शहर में कथित अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज भाजपा के 10 पार्षदों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को ज्ञापन सौंपकर एक सप्ताह के भीतर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि तय समय सीमा में कार्रवाई नहीं होने पर सभी पार्षद नगर पालिका परिसर स्थित छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा के नीचे धरना-प्रदर्शन करेंगे।
नगर पालिका में भाजपा की सत्ता होने के बावजूद पार्टी के पार्षदों द्वारा अपनी ही प्रशासनिक व्यवस्था के खिलाफ मोर्चा खोलने से नगर की राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है। पार्षदों के इस कदम को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी को दिए गए पत्र में पार्षदों ने उल्लेख किया है कि नगर क्षेत्र में अवैध निर्माण एवं अवैध प्लाटिंग को लेकर कई बार लिखित शिकायतें और कार्रवाई की मांग की जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
भाजपा पार्षदों ने पत्र में स्पष्ट किया है कि यदि एक सप्ताह के भीतर संबंधित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई कर पार्षद दल को इसकी जानकारी नहीं दी जाती है, तो वे सामूहिक रूप से नगर पालिका परिषद परिसर में धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।
आमतौर पर नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ आंदोलन विपक्षी दलों द्वारा किया जाता है, लेकिन आरंग में सत्ताधारी भाजपा के पार्षदों का ही प्रशासन के खिलाफ धरने की चेतावनी देना कई सवाल खड़े कर रहा है। अब सभी की निगाहें नगर पालिका प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।