राजनांदगांव: संस्कारों की जननी संस्कारधानी राजनांदगांव में श्री सत्यनारायण मंदिर समिति द्वारा पुरुषोत्तम मास पर आयोजित 16 दिवसीय श्री नारायण महामहोत्सव में प्रतिदिन भक्ति, श्रद्धा और संस्कारों की अविरल धारा प्रवाहित हो रही है। श्री नारायण धाम स्थित श्री सत्यनारायण धर्मशाला कामठी लाइन में मंगलवार को महासर वाली माता के मंगल पाठ और भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे।
श्री सत्यनारायण मंदिर समिति के उत्सव प्रभारी श्याम खंडेलवाल, राजेश अग्रवाल (बालाजी) व विजय खंडेलवाल ने बताया कि महामहोत्सव के द्वितीय दिवस महासर वाली माता महिला मंडल द्वारा महासर वाली माता का मंगल पाठ श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रसिद्ध भजन गायक अभिजीत जोशी ने भजनों की प्रस्तुतियों से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भजनों की स्वर लहरियों पर श्रद्धालु देर तक झूमते, नाचते और प्रभु भक्ति में लीन होकर आनंदित होते रहे। पूरा पंडाल जयकारों और भक्ति रस से गुंजायमान रहा।
पुरुषोत्तम मास के इस पावन आयोजन में विभिन्न समाजों की महिलाओं की उल्लेखनीय सहभागिता बनी हुई है। शारदा तिवारी, भावना अग्रवाल, शोभा देवी अग्रवाल, दीपा शर्मा, सरला खंडेलवाल, ममता अवस्थी, सुधा अग्रहरि, मधु खंडेलवाल, शोभा चोपड़ा, दीपा ठक्कर, स्वाति अग्रवाल, आरती गुप्ता, मधु अग्रवाल, प्रज्ञा गुप्ता, कांति मौर्य, प्रतिमा श्रीवास्तव, रंजना शर्मा, लता अग्रवाल, विद्या पांडे, वंदना तिवारी, छाया तिवारी, सुमित्रा बेन, मौसमी शर्मा, ममता सोनी, मीना पांडे सहित अनेक मातृशक्तियां 16 दिवसीय आयोजन में सेवा, व्यवस्था और धार्मिक कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। सत्यनारायण मंदिर समिति के उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार अग्रवाल एवं राजेश शर्मा ने बताया कि पंचम दिवस पर इस्कान रायपुर की टीम द्वारा प्रभु श्रीकृष्ण की प्रेम माधुरी से ओतप्रोत भक्ति संकीर्तन एवं भक्ति नृत्य की विशेष प्रस्तुति दी जाएगी। इस आयोजन में शहर के विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक मंडलों की सक्रिय सहभागिता बनी हुई है।
आज और कल होगी राधा-कृष्ण चरित्र कथा
समिति के सचिव सौरभ खंडेलवाल एवं उत्सव प्रभारी लक्ष्मण लोहिया ने बताया कि महामहोत्सव के तृतीय एवं चतुर्थ दिवस पर व्यासाचार्य पंडित अर्पित शर्मा के मुखारविंद से राधा-कृष्ण चरित्र कथा का आयोजन किया जाएगा। कथा में राधा-कृष्ण की दिव्य लीलाओं का वर्णन किया जाएगा तथा मनोहारी झांकियां सजेंगी। पूरा वातावरण राधे-राधे के जयघोष से गुंजायमान रहेगा। पुरुषोत्तम मास सेवा, साधना, संस्कार और समर्पण का महापर्व है। ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक एकता को सुदृढ़ करने का कार्य करते हैं। समिति ने समस्त सनातन धर्मावलंबियों, धर्मप्रेमी नागरिकों एवं मातृशक्ति से 16 दिवसीय पुरुषोत्तम मास श्री नारायण महामहोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में सम्मिलित होकर धर्म लाभ एवं पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।