डोंगरगढ़ :- सुशासन तिहार 2026 के तहत जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत पलांदुर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में जिला पंचायत उपाध्यक्ष किरण साहू अधिकारियों की लापरवाही पर बिफर पड़ीं। विभागीय अफसरों को कड़ी हिदायत देते हुए उपाध्यक्ष ने साफ शब्दों में कहा, "अगर सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी नहीं है, तो शिविर में आने की कोई जरूरत नहीं है।" उन्होंने दोटूक कहा कि अधिकारी सरकार की योजनाओं की पूरी जानकारी रखें, ताकि शिविर में आने वाले ग्रामीणों को सही मार्गदर्शन देकर उन्हें लाभान्वित किया जा सके।
12 पंचायतों के ग्रामीण पहुंचे, मिले 728 आवेदन; 14 शिकायतें
इस मेगा शिविर में पलांदुर सहित भानपुरी, कातलवाही, पारागांवखुर्द, पारागांवकला, पेंड्री, सलटिकरी, मुसराकला, आलीवारा, कसारी, कोलिहापुरी और छीपा कुल 12 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। शिविर में कुल 728 आवेदन दर्ज किए गए, जिनमें से 714 आवेदन विभिन्न मांगों को लेकर थे, जबकि 14 आवेदन शिकायत से संबंधित थे। प्रशासन ने दावा किया है कि सभी आवेदनों का समय सीमा के भीतर प्रभावी निराकरण कर शत-प्रतिशत पात्र लोगों को लाभ दिया जाएगा।
मेधावी छात्र सम्मानित, बच्चों का हुआ अन्नप्राशन
शिविर में जनसमस्याओं के निराकरण के साथ-साथ कई रचनात्मक गतिविधियां भी हुईं:
प्रतिभा सम्मान: शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला के 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट अंक लाने वाले छात्र-छात्राओं को मंच पर सम्मानित किया गया।
महिला एवं बाल विकास: विभाग की ओर से गर्भवती महिलाओं के लिए 'गोद भराई' और नवजात बच्चों के लिए 'अन्नप्राशन' संस्कार का कार्यक्रम आयोजित किया गया।
एक ही छत के नीचे सजे 19 विभागों के स्टॉल
ग्रामीणों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए शिविर में राजस्व, पंचायत, शिक्षा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, लोक निर्माण, जल संसाधन, कृषि, उद्यानिकी, बिजली, सहकारिता, स्वास्थ्य, परिवहन, वन, मत्स्य और खाद्य विभाग सहित कुल 19 विभागों ने अपने स्टॉल लगाए थे। यहां अधिकारियों ने लोगों को विभागीय योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी।
शिविर में ये रहे मौजूद
इस दौरान जनपद पंचायत अध्यक्ष लता अजय सिन्हा, सभापति सुरेश वर्मा, सभापति रामेश्वरी एवन वर्मा, सीमा ओमप्रकाश साहू, जनपद सदस्य दुर्गाप्रसाद रात्रे, लक्ष्मीनारायण वर्मा, एसडीएम एम. भार्गव, तहसीलदार, जनपद सीईओ, नायब तहसीलदार सहित क्षेत्र के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।