राजनांदगांव: शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों फलों को कृत्रिम तरीके से पकाने का खेल तेजी से चल रहा है। अधिक मुनाफा कमाने के लालच में कुछ व्यापारी फलों को जल्दी पकाने के लिए खतरनाक केमिकल का उपयोग कर रहे हैं, जिससे लोगों की सेहत पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। जिम्मेदार विभागों की ओर से सख्त जांच और कार्रवाई नहीं होने के कारण यह कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है। बाजार में आम, केला, पपीता समेत कई फलों को समय से पहले पकाकर बेचने के लिए प्रतिबंधित रसायनों और केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा है। कई व्यापारी फलों को आकर्षक और जल्दी तैयार दिखाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड जैसे हानिकारक पदार्थों का प्रयोग कर रहे हैं। इससे फल बाहर से पीले और पके हुए नजर आते हैं, लेकिन अंदर से कच्चे और नुकसानदायक बने रहते हैं। शहर में 140 फलों के दुकान हैं, जहां केमिकल से पके फलों की बिक्री हो रही है।
फल दुकान में हुआ था विस्फोट
कुछ माह शहर के एक फल दुकान में विस्फोट हुआ था। विस्फोट के पीछे कर्बाइड को मुख्यवजह माना गया था। हालांकि किसी तरह की जनहानि नहीं हुई थी। लेकिन स्पष्ट हो गया था कि व्यापारी कच्चा फलों को समय से पहले पकाने के लिए केमिकल का उपयोग कर रहे हैं। फूड पाइजनिंग के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इसके बावजूद खाद्य सुरक्षा विभाग ने अब तक फल दुकानों में जांच के लिए नहीं पहुंच पाई है। शहर की हर गलियों में दूसरे प्रदेश से आए लोग हाथ ठेला में फलों को बेच रहे हैं। यहीं नहीं किराये के मकानों में फलों को पकाया जा रहा है। लेकिन विभागीय अधिकारी अनजान हैं।
लीवर और आंतरिक अंगों पर गंभीर असर
सिविल सर्जन डा.महेंद्र प्रसाद ने बताया कि केमिकल से पकाए गए फल शरीर के लिए बेहद हानिकारक होते हैं। ऐसे फलों के सेवन से पेट दर्द, उल्टी, दस्त, एलर्जी, सिरदर्द और पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक इनका सेवन करने से लीवर और अन्य आंतरिक अंगों पर भी गंभीर असर पड़ सकता है। बच्चे और बुजुर्ग इसके सबसे ज्यादा शिकार हो सकते हैं। हालांकि अस्पतालों में फूड पाइजनिंग के मामले लगातार सामने भी आ रहे हैं। लेकिन कार्रवाई शून्य है।
उपभोक्ताओं में बढ़ी चिंता
फल खरीदने पहुंचे लोगों का कहना है कि अब प्राकृतिक और सुरक्षित फल पहचानना मुश्किल हो गया है। चमकदार और जल्दी पके फल देखने में आकर्षक लगते हैं, लेकिन उनके सेवन से स्वास्थ्य खराब होने का डर बना रहता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि फलों की नियमित जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता की सेहत से हो रहे खिलवाड़ पर रोक लग सके। विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि फल खरीदते समय अत्यधिक चमकदार और एक समान रंग वाले फलों से सावधान रहें। फल खाने से पहले उन्हें अच्छी तरह धोना और कुछ समय पानी में भिगोकर रखना भी जरूरी बताया गया है। साथ ही प्राकृतिक रूप से पके फलों को ही प्राथमिकता देने की अपील की गई है।