September 14, 2026


राजनांदगांव में जुजित्सु एकेडमी का भव्य शुभारंभ

राजनांदगांव :- जिले में खेल प्रतिभाओं को निखारने और युवाओं को विभिन्न खेलों के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जुजित्सु एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ द्वारा डोंगरगढ़ के बाद अब राजनांदगांव में *जुजित्सु एकेडमी का भव्य शुभारंभ* किया गया। एकेडमी की शुरुआत लगभग 20 खिलाड़ियों के साथ हुई है। एकेडमी के प्रारंभ होने से शहर सहित आसपास के क्षेत्रों के बच्चों और युवाओं में उत्साह का माहौल है तथा जुजित्सु सीखने के इच्छुक खिलाड़ियों को अब अपने ही क्षेत्र में प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

एकेडमी के शुभारंभ अवसर पर खेल संघ जिला अध्यक्ष *विवेक मोनू भंडारी*, राजनांदगांव अध्यक्ष *रिभय रीत यादव* सहित *मुख्य रूप से उत्तर मंडल भाजपा अध्यक्ष सुमीत भाटिया, वरिष्ठ भाजपा नेता डोंगरगांव कपिल पटोदी, समाजसेवी एवं MSME चेयरमैन शिवम यादव, ऋषभ भारती, अश्वनी साहू* सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। उपस्थित अतिथियों ने एकेडमी की शुरुआत को जिले के खेल जगत के लिए महत्वपूर्ण पहल बताते हुए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया तथा जुजित्सु जैसे खेल को जिले के अधिक से अधिक क्षेत्रों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

जुजित्सु एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ के प्रदेश सचिव राणा अजय सिंह के मार्गदर्शन तथा कोच तेजस एवं राहुल के कुशल प्रशिक्षण में एकेडमी का संचालन किया जाएगा।*

प्रारंभिक चरण में लगभग 20 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। खिलाड़ियों को जुजित्सु की तकनीकों के साथ शारीरिक फिटनेस, आत्मरक्षा, अनुशासन एवं खेल भावना का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता के साथ उनकी मानसिक मजबूती पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि वे भविष्य में विभिन्न स्तरों की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

जुजित्सु वर्तमान समय में युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा आत्मरक्षा एवं मार्शल आर्ट आधारित खेल है। इस खेल के नियमित अभ्यास से शरीर में ताकत, लचीलापन, संतुलन, फुर्ती और सहनशक्ति विकसित होती है। इसके साथ ही खिलाड़ियों में एकाग्रता, आत्मविश्वास, धैर्य, अनुशासन और कठिन परिस्थितियों में संयम बनाए रखने की क्षमता भी विकसित होती है। बच्चों और युवाओं के लिए जुजित्सु शारीरिक फिटनेस के साथ आत्मरक्षा सीखने का भी प्रभावी माध्यम है। नियमित प्रशिक्षण से उनमें अपने प्रति विश्वास बढ़ता है और वे किसी भी चुनौती का सामना अधिक आत्मविश्वास के साथ करने के लिए तैयार होते हैं।

एकेडमी का उद्देश्य केवल खिलाड़ियों को जुजित्सु की तकनीक सिखाना ही नहीं, बल्कि उन्हें खेल के माध्यम से अनुशासित, आत्मनिर्भर और स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित करना भी है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को भविष्य में जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर छिपी हुई खेल प्रतिभाओं को सामने आने और उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का बेहतर मंच मिलेगा।

जुजित्सु एसोसिएशन द्वारा जिले में इस खेल के विस्तार की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। डोंगरगढ़ के बाद राजनांदगांव में एकेडमी की शुरुआत के बाद आगामी समय में डोंगरगांव एवं छुरिया में भी जुजित्सु एकेडमी शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इन क्षेत्रों में एकेडमी शुरू होने से ग्रामीण एवं छोटे शहरों के बच्चों और युवाओं को भी अपने क्षेत्र में प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इसके माध्यम से अधिक से अधिक खिलाड़ियों को खेल से जोड़कर उनकी प्रतिभा को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

आयोजकों के अनुसार, जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जुजित्सु एकेडमी शुरू होने से आने वाले समय में बड़ी संख्या में युवा इस खेल से जुड़ेंगे और उन्हें नियमित प्रशिक्षण के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अवसर भी प्राप्त होंगे। राजनांदगांव में जुजित्सु एकेडमी की शुरुआत इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में डोंगरगांव और छुरिया में भी एकेडमी के विस्तार से जिले में जुजित्सु का मजबूत आधार तैयार होने की उम्मीद है, जिससे नई खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा और जिले के खिलाड़ी राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकेंगे।



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