डोंगरगांव/राजनांदगांव :- खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले प्रदेश के किसानों को खाद, बीज और डीजल जैसी बुनियादी कृषि आवश्यकताओं के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी गंभीर मुद्दे को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश किसान कांग्रेस की जिला इकाई ने मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन के माध्यम से 10 सूत्रीय मांग पत्र सौंपते हुए किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की है।
किसान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश का किसान आज अभूतपूर्व संकट से गुजर रहा है। हर सुबह किसान इस उम्मीद में सोसायटी और बाजार की ओर निकलता है कि उसे खेती के लिए डीएपी खाद या ट्रैक्टर के लिए डीजल मिल जाएगा, लेकिन दिनभर की मशक्कत के बाद उसे केवल लंबी कतारें, प्रशासनिक अव्यवस्थाएं और निराशा ही हाथ लगती है। अन्नदाता खाद के एक-एक कट्टे के लिए भटक रहा है जबकि प्रभावशाली और रसूखदार लोग आसानी से अपनी जरूरतें पूरी कर लेते हैं। स्वागत-सत्कार और बड़े-बड़े भाषणों से किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। जरूरत है कि शासन और प्रशासन धरातल पर उतरकर किसानों की वास्तविक परेशानियों को समझे और तत्काल राहत प्रदान करे।।किसान कांग्रेस ने अपने 10 सूत्रीय मांग पत्र में सबसे पहले प्रति एकड़ एक बोरी खाद देने की व्यवस्था को पूरी तरह अव्यावहारिक बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है। संगठन का कहना है कि किसानों को उनकी भूमि और फसल की वास्तविक आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त खाद उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इसके अलावा पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को तीन किश्तों में खाद वितरण की व्यवस्था को समाप्त कर सभी किसानों को एकमुश्त खाद उपलब्ध कराने की मांग की गई है। नेताओं का कहना है कि बार-बार सोसायटियों के चक्कर लगाना किसानों के लिए बेहद कठिन और समय की बर्बादी है। ज्ञापन में किसानों को अपनी आवश्यकता के अनुसार खाद और बीज लेने की स्वतंत्रता देने, ग्रामीण क्षेत्रों में डीजल-पेट्रोल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा जरीकैन में डीजल देने पर लगी पाबंदी हटाने की भी मांग की गई है। किसान कांग्रेस ने कृषि बिजली की बढ़ती दरों और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती को किसानों के लिए गंभीर समस्या बताते हुए कृषि पंपों के लिए मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने तथा कटौती पर रोक लगाने की मांग की है। संगठन ने खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी पर भी चिंता व्यक्त की। ज्ञापन में कहा गया है कि खुले बाजार में ऊंचे दामों पर खाद बेची जा रही है, जिससे किसान आर्थिक रूप से और अधिक परेशान हो रहा है। शासन से पूरे प्रदेश में खाद की एक समान दर लागू करने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है। किसान कांग्रेस ने कृषि ऋण (केसीसी) की वर्तमान व्यवस्था को अपर्याप्त बताते हुए इसकी सीमा बढ़ाकर कम से कम 40 हजार रुपये प्रति एकड़ करने की मांग रखी है। साथ ही धान एवं अन्य कृषि उपज की राशि किसानों को एकमुश्त भुगतान करने की मांग भी उठाई गई है, ताकि किसान अपनी अगली फसल और पारिवारिक जरूरतों का बेहतर प्रबंधन कर सकें। ज्ञापन में उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, कृषि विभाग तथा कृषि अभियांत्रिकी विभाग की योजनाओं में पारदर्शिता लाने और लंबित अनुदान राशि का तत्काल भुगतान करने की मांग की गई है। इसके साथ ही घरेलू गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों को कम करने तथा गैस सिलेंडर वितरण की समयावधि घटाने की मांग भी की गई, ताकि ग्रामीण महिलाओं के घरेलू बजट पर पड़ने वाले अतिरिक्त आर्थिक बोझ को कम किया जा सके। किसान कांग्रेस जिला इकाई ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि किसानों के हित में इन सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। संगठन का कहना है कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो प्रदेशभर में व्यापक जनआंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इस अवसर पर जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष मदन साहू, पूर्व जिला पंचायत सदस्य क्रांति बंजारे, हेमंत साहू, चुम्मन साहू, पुरुषोत्तम साहू, गौतम वर्मा, ललिता टार्जन, रामकुमार साहू, ओमप्रकाश साहू, मोहनीश साहू, हेमसिंह साहू, जयचंद ठाकुर, पूरन साहू, ओमकार साहू, दिनेश पुराणिक, दशरथ ठाकुर सहित किसान कांग्रेस एवं कांग्रेस संगठन के अनेक पदाधिकारी और किसान प्रतिनिधि उपस्थित रहे।