बिलाईगढ़- स्वयंसेवी संस्था राष्ट्रीय शिक्षा अंजोर भारत छत्तीसगढ़ द्वारा भारत के अनेक राज्यों से आए हुए 200 शिक्षकों का दिनाँक 19 सितंबर 2026 को नगर निगम सभागार रायगढ़ में सम्मान किया गया। सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के विकासखण्ड बिलाईगढ़ के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खुरसुला में पदस्थ व्याख्याता मदनलाल तोमर को स्व श्री हरिवंश मिश्र राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया। इसके पूर्व उन्हें शिक्षा, समाज एवं पर्यावरण के क्षेत्र कार्य के लिए अनेक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।यह कार्यक्रम श्री जगन्नाथ पाणिग्राही जी इंडिपेंडेंट डायरेक्टर ब्रेथवेट बर्न एन्ड जेसप कंस्ट्रक्शन कंपनी बी बी जे भारी उद्योग मंत्रालय भारत सरकार के मुख्य आतिथ्य,संजय अग्रवाल शिक्षाविद संस्थापक एन आर स्टील रायगढ़ की अध्यक्षता गुण निधि सतपथी शिक्षा विद रायगढ़ एवं डॉक्टर पूर्णानंद मिश्रा राष्ट्रीय अध्यक्ष शिक्षा अंजोर भारत के विशिष्ट आतिथ्य में संपन्न हुआ।कार्यक्रम का शुभारंभ माँ भारती,सरस्वती
माता ,छत्तीसगढ़ महतारी की पूजन अर्चन दीप प्रज्वलित कर किया गया तत्पश्चात् स्व.श्री हरिवंश मिश्र जी के छाया चित्र पर अतिथियों ने पुष्पांजलि अर्पित किया।कार्यक्रम के प्रथम सत्र में शैक्षिक संगोष्ठी में देश भर से तथा छत्तीसगढ़ के कोने कोने से आए हुए शिक्षकों ने अपने द्वारा विद्यालय में किए जा रहे नवाचार पर प्रकाश डाला,सभी शिक्षकों ने संगोष्ठी में शिक्षा गुणवत्ता में गुणोत्तर वृद्धि हेतु मैराथन चिंतन किया।राष्ट्रीय शिक्षा अंजोर भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ पूर्णानंद मिश्रा जी ने अपनी स्वयंसेवी संस्था शिक्षा अंजोर भारत परिवार के शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि हमारे संस्था द्वारा विगत कुछ वर्षों से शिक्षा एवं पर्यावरण एवं समाज के अन्य क्षेत्रों में कार्य कर रहे कार्यकर्ताओं को यह सम्मान दिया जा रहा है इसके पूर्व बसना सरायपाली रायपुर में यह कार्यक्रम रखा जा चुका है एवं यह चौथा कार्यक्रम नगर निगम सभागार रायगढ़ में रखा गया है जिसमें अनेक राज्यों के शिक्षक शिक्षक संगोष्ठी एवं सम्मान कार्यक्रम में भाग लेकर अपने-अपने कार्यों को एवं शिक्षा के क्षेत्र में किए गए विशिष्ट योगदान को रखे जिसमें सभी शिक्षकों को प्रेरणा मिली एवं शिक्षा एवं समाज के अन्य क्षेत्रों में कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं के मनोभाव को बल मिला। कार्यक्रम के अतिथियों ने कहा कि
आज स्व. श्री हरिवंश मिश्र राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान समारोह में शामिल होना हमारे लिए अत्यंत गौरव और सौभाग्य का विषय है।
शिक्षा और शिक्षक समाज के प्रति समर्पित यह समारोह वास्तव में एक महान विचार को आगे बढ़ाने का प्रयास है
मुख्य अतिथि जगन्नाथ पाणिग्राही जी ने कहा
“जिस समाज में शिक्षक का सम्मान होता है,
वहाँ ज्ञान का प्रकाश कभी कम नहीं होता।”
आइए, हम सभी संकल्प लें कि शिक्षक का सम्मान केवल समारोह तक सीमित न रहे, बल्कि हमारे व्यवहार और संस्कार का हिस्सा बने। पाणिग्राही ने गुरु परम्परा पर प्रकाश डालते हुए वर्तमान में गुरु की महत्ता का विस्तृत व्याख्यान दिया।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे एन आर स्टील रायगढ़ के संस्थापक संजय अग्रवाल ने कहा कि मूर्ति इसलिए वंदनीय नहीं होती कि उसमें भगवान का वास होता है बल्कि इसलिए वंदनीय होती है कि वह तरासे जाने का दर्द सहा है , राष्ट्रीय अंजोर भारत का यह मंच आज ऐसे ही लोगों को सम्मानित कर रहा है जिन्होंने स्वयं अपने आप को ही नहीं बल्कि समाज के ऐसे अनेक लोगों को तराशा है एवं उनका निर्माण इस दिव्यता भव्यता से किया है कि वह सभी भारत माता के चरणों में अपने तन मन धन से आहुति देकर भारत माता की जय करने में लगे हुए हैं विशिष्ट अतिथि शिक्षाविद गुणनिधि सतपथी ने कहा कि जैसा कि हम जानते हैं प्राचीन भारत में भी समाज मे गुरु की सेवा के कारण गुरुओं को अग्र पंक्ति में रखा गया समाज में शिक्षा के उत्थान में अपना योगदान किया । कहा गया है रोटी कपड़ा धरती शिक्षा आवश्यकता जीवन की। इन चारों आवश्यकताओं में तीन की पूर्ति तो ईश्वर द्वारा होती है किंतु चौथे की पूर्ति केवल गुरु द्वारा होती है इसलिए गुरु को कबीर दास जी जैसे संत ने भी ईश्वर से बड़ा माना है यदि पशुओं और मनुष्य में कोई चीज़ दोनों को अलग करता है तो वह शिक्षा है और ऐसे ही शिक्षा का दान करने वाले गुरुओं का आज हमारा यह शिक्षा अंजोर परिवार का मंच सम्मान कर रहा है। अंत में विकास रंजन सिन्हा नेआभार प्रदर्शन कर कार्यक्रम समापन की घोषणा की। मदनलाल तोमर सम्मानित होने पर संस्था प्राचार्य हरेंद्र कुमार शांडिल्य प्राचार्य सहित शिक्षक स्टॉफ एवं अन्य शिक्षकों तथा मित्रों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दिए। शास. पूर्व माध्यमिक शाला डीपापारा सलिहा में पदस्थ जगेश्वर प्रसाद गहीर शिक्षक को सम्मानित किया गया।