माटी के हक की लड़ाई: जिले में छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी की सक्रियता से राष्ट्रीय दलों में खलबली"जात-पात की करो बिदाई, छत्तीसगढ़िया भाई-भाई" के मूलमंत्र के साथ जमीन स्तर पर लोगों की समस्याओं का समाधान करने में जुटे क्षेत्रीय संगठन प्रदेश की संपदा को उद्योगपतियों के हाथों बेचने और राज्य को कर्ज के दलदल में धकेलने वाली राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टियों के खिलाफ लामबंदी तेज रायपुर/छत्तीसगढ़:प्रदेश के सभी जिलों में छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी (क्षेत्रीय राजनीतिक दल) की जमीनी स्तर पर बढ़ती सक्रियता ने राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जल, जंगल, जमीन और स्थानीय अधिकारों को लेकर दोनों ही लगातार धरातल पर उतरकर जनता के सुख-दुख में सहभागी बन रहे हैं, जिससे प्रदेश के पारंपरिक राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।संगठन के नेतृत्वकर्ताओं ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि राष्ट्रीय पार्टियों ने छत्तीसगढ़ की अकूत संपदा को बाहरी उद्योगपतियों के हाथों में सौंप दिया है, जिसके कारण आज प्रदेश कर्ज के गहरे दलदल में धंसता जा रहा है। छत्तीसगढ़ की माटी, यहां के लोगों और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को बचाने के लिए अब सत्ता की कमान 'लोकल हाथों' (स्थानीय मूलनिवासियों) में सौंपना बेहद जरूरी हो गया है।
जब तक निर्णय लेने का अधिकार यहां के मूलनिवासियों के पास नहीं होगा, तब तक हर व्यक्ति की जिम्मेदारी तय नहीं की जा सकती।सामाजिक सद्भावना और अंतिम व्यक्ति को न्याय का संकल्प:पार्टी और संगठन का स्पष्ट लक्ष्य है कि राज्य की कल्पना ऐसी हो, जहां समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय सुलभता से पहुंचे। इस उद्देश्य को साकार करने के लिए संगठन "जात-पात की करो बिदाई, छत्तीसगढ़िया भाई-भाई" का नारा बुलंद करते हुए सामाजिक सद्भावना और आपसी एकता का संदेश दे रहा है, ताकि पूरा छत्तीसगढ़िया समाज एक सूत्र में पिरोया जा सके।संस्कृति और पुरखा धरोहरों का संरक्षण:राजनीतिक बदलाव के साथ-साथ यह संगठन छत्तीसगढ़ के पुरखा गौरव, स्थानीय तीज-त्यौहार, पारंपरिक खेल और ऐतिहासिक संस्कृति के संरक्षण के लिए निरंतर नीतिगत रूप से आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी ग्राम कैथ नवागांव फ़ास्टरपुर में खुलने वाले इथेनाल प्लांट के बारे में क्षेत्रवासियों के विचार का जायजा लिया,छत्तीसगढ़िया समाज के मान-सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए संगठन एवं पार्टी गांव-गांव,, घर-घर जाकर अपनी इस विचारधारा को मजबूती से फैला रहे हैं, जिसे जनता का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है।