राजनांदगांव :शहर के सबसे चर्चित मुद्दों में शामिल गोलबाजार से मांस-मटन की दुकानों को हटाने की कवायद अब निर्णायक दौर में पहुंच गई है। राजगामी संपदा न्यास ने गोलबाजार स्थित अपनी व्यावसायिक दुकानों के संचालकों को दो तरह के नोटिस जारी कर दिए हैं। कलेक्टर ने इसेेे मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए थे। एक ओर 11 ऐसी दुकानों को खाली कराने की तैयारी है, जिनका आवंटन किसी और के नाम पर है, लेकिन संचालन दूसरे लोग कर रहे हैं। वहीं, लंबे समय से किराया जमा नहीं करने वाले दुकानदारों को बकाया राशि चुकाने के निर्देश दिए गए हैं। खास बात यह है कि 33 साल से किराया नहीं देने वाले दुकानदारों को भी दो नवंबर तक बकाया जमा करने का अंतिम अवसर दिया गया है। हालांकि, किराया जमा करने के बाद भी उन्हें गोलबाजार में मांस-मटन बेचने की अनुमति नहीं मिलेगी।
राजगामी संपदा न्यास के तहसीलदार एवं व्यवस्थापक की ओर से जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि गोलबाजार की संबंधित दुकानें मांस विक्रय के लिए नगर निगम की ओर से चिह्नित स्थल नहीं हैं। इसलिए किराया जमा करने के बाद भी इन दुकानों का उपयोग मांस बिक्री के लिए नहीं किया जा सकेगा। दुकानदार वहां अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित कर सकेंगे। निर्धारित समय में बकाया जमा नहीं करने पर एकपक्षीय कार्रवाई कर दुकान खाली कराने की चेतावनी भी दी गई है। सर्वेक्षण में 11 दुकानें ऐसी मिली हैं, जिनका आवंटन वास्तविक संचालकों के नाम पर नहीं है। न्यास ने संबंधित दुकानदारों को दो नवंबर तक आवंटन के दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है। अन्यथा एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए दुकान खाली कराकर कब्जा लेने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
गौरीनगर की घटना के बाद तेज हुई कार्रवाई
गौरतलब है कि 17 अक्टूबर को गौरीनगर में गोवंश हत्या और चिकन-मटन सेंटरों से गोमांस बिक्री का मामला सामने आने के बाद शहर में मांस-मटन दुकानों को एक स्थान पर संचालित करने की मांग तेज हुई थी। सर्व समाज ने कलेक्टर और महापौर को ज्ञापन सौंपकर शहर के भीतर संचालित मांस-मटन दुकानों को एक जगह स्थानांतरित करने की मांग की थी। विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन सिंह और सांसद संतोष पांडेय ने भी इस संबंध में कलेक्टर को पत्र लिखा था। इसके बाद नगर निगम ने 30 से अधिक मांस-मटन कारोबारियों को नोटिस जारी किए। नंदई में विकसित मटन मार्केट में सभी दुकानदारों को स्थानांतरित करने के लिए सर्वेक्षण भी शुरू किया गया। अब राजगामी संपदा न्यास के नोटिसों के बाद गोलबाजार से मटन मार्केट हटाने की प्रक्रिया तेज हो गई है।