May 19, 2026


पत्रकारों से डरने वाले प्रधानमंत्री हैं मोदी जी : विभा साहू

115 से अधिक पत्रकार वार्ता लेने वाले प्रधानमंत्री मनमेहन सिंह- विभा देश के चौथे स्तंभ के सवालों से बचते है मोदी

राजनांदगाँव, 19 मई :- जिला पंचायत की फायर ब्रांड सदस्य श्रीमती विभा साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि वे पत्रकारों और उनके सवालों से डरने वाले प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया के सवालों का सामना करने से बचते रहे हैं और अपने प्रधानमंत्री कार्यकाल गिने चुने में उन्होंने खुलकर पत्रकार वार्ता नहीं की है।

श्रीमती साहू ने मंगलवार को जारी अपने बयान में कहा कि देशवासी को विदेश दौरा न करने की सलाह देने वाले प्रधानमंत्री मोदी हाल ही में नार्वे विदेश दौरे के दौरान भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिला पत्रकारों के सवालों का सीधा जवाब देने से बचते नजर आए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से लेकर 2026 तक प्रधानमंत्री मोदी ने कितनी खुली पत्रकार वार्ताएं की हैं यह देश की जनता को बताया जाना चाहिए। श्रीमती साहू ने कहा कि लोकतंत्र में जनता के सवालों का जवाब देना सरकार और प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी होती है लेकिन वर्तमान दौर में सवाल पूछने वालों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार केवल प्रचार और इवेंट मैनेजमेंट की राजनीति कर रही है जबकि आम जनता महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट जैसी समस्याओं से जूझ रही है। जिसका वर्तमान उदाहरण देश के रूपये का गिरना है मोदी जी गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए मंच से जनता को बताया था ऐसे ही रूपये नहीं गिरता मैं भी सरकार में हूँ । प्रधानमंत्री मोदी 14 मई 2014  में सत्ता में आए तब डालर के मुक़ाबले रूपए  60 रू था और आज 46.35  रूपये बढ़कर 96.35 रूपए पर आ गया है । 12 वर्षें में 69 देशों के 99 अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने के बाद भी विदेश नीति में फ़ेल साबित हुए हैं। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की कार्यशैली की सराहना करते हुए श्रीमती साहू ने कहा कि वे अपने कार्यकाल में 115  से अधिक बार प्रेसवार्ता करने वाले देश के सबसे मजबूत और गंभीर प्रधानमंत्रियों में से एक थे। उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह ने अपने कार्यकाल में देश को आर्थिक मजबूती प्रदान की और वैश्विक स्तर पर भारत की साख को मजबूत किया। आर्थिक सुधारों और स्थिर नीतियों के कारण भारत दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ जिसे देश कभी नहीं भूल सकता। श्रीमती साहू ने केंद्र सरकार से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि लोकतंत्र में संवाद और सवालों से भागना देशहित में नहीं है।


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