राजनांदगांव: नगर निगम और लोक निर्माण विभाग के झोल में सड़कों पर बने गड्ढों ने जनजीवन की गति पटरी से उतार दी है। दोनों एक-दूसरे पर जिम्मा थोपकर पल्ला झाड़ रहे हैं। यही कारण है कि शहर के आउटर और अंदरूनी भाग में सड़कें सपाट बची हैं और न समतल। साल-दो साल पुरानी सड़कें भी उखड़ गई हैं। सामने गणेशोत्सव है जिसे लेकर सड़कों के संधारण के मौखिक निर्देश भी जारी हो रहे हैं लेकिन धरातल पर इसका असर बिल्कुल नहीं दिख रहा। निगम बीते दो महीने से पैच वर्क का दावा कर रहा है लेकिन सच्चाई यह है कि सितंबर तक सड़कों में डस्ट-क्रांक्रीट डालने का टेंडर तक नहीं हो सका है। निगम ने अपने बजट में सड़कों की मरम्मत के लिए 9.50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा था। इधर, पीडब्लूडी विभाग जर्जर सड़कों के सर्वे की बात कह रहा है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर मिलने वाली स्वीकृति से ही मरम्मत किए जाने की बात कही जा रही है जो कि अब तक शुरु नहीं हो सकी है।
वर्ष 2023 के आखिर में सरकार ने शहर की सड़कों के डामरीकरण के लिए 10 करोड़ रुपये के कार्यों की स्वीकृति दी थी। जनवरी, 2024 में विस अध्यक्ष डा रमन सिंह ने इन कार्यों का भूमिपूजन किया था। लेकिन दो वर्ष बीतने के बाद भी अब तक वार्ड 19 में 87.55 लाख, 36 में 65.94 लाख और 44 में 56.18 लाख रुपये के डामरीकरण का कार्य हो ही नहीं सका। अलबत्ता जो सड़कें बनाई गई उन्होंने भी डामर छोड़ दिया है।
एनएचएआइ और पीडब्लूडी ने पल्ला झाड़े
दूसरी ओर, शहर में एनएचएआइ की सड़कों पर भी मरम्मत की आवश्यकता है। पेंड्री से सीआइटी कालेज बायपास मार्ग बुरी तरह जर्जर हो चुका है। पूरे रास्ते में बड़े-बड़े गड्ढे हैं। इसके चलते भारी वाहन भी शहर से होकर गुजर रहे हैं। खस्ता हाल के चलते इस रास्ते पर वाहनों को डायवर्ट नहीं किया जा रहा है। सर्विस लेन, चिखली की सड़क में भी लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं।
गड्ढे में फिसले, दो बाइक भिड़ी, अफरा-तफरी मची
चिखली सड़क पर मौजूद बड़े गड्ढों से लगातार हादसे हो रहे हैं। मंगलवार की दोपहर करीब पौने दो बजे एक बाइक सवार का इसमें संतुलन बिगड़ गया। वह दूसरी बाइक से जा टकराया और दोनों गिरकर घायल हो गए। विवाद की स्थिति बनी तो अफरा-तफरी भी बच गई। इसी गड्ढे पर कुछ महीनों पहले हुई दुर्घटना में एक की मृत्यु हो गई थी।