आरंग। रबी सीजन 2026-27 की नई दलहनी एवं तिलहनी फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी की निर्धारित अवधि समाप्त होने से पहले ही तिलहनी फसल सरसों की खरीदी बंद किए जाने से किसानों में नाराजगी बढ़ गई है। किसानों का आरोप है कि शासन द्वारा 1 मार्च से 31 मई तक खरीदी की घोषणा की गई थी, लेकिन 16 मई से ही सरसों खरीदी का पोर्टल बंद कर दिया गया, जिससे किसान परेशान होकर भटकने को मजबूर हैं।
जानकारी के अनुसार, आरंग विकासखंड के ग्राम सिवनी में आयोजित सुशासन तिहार के दौरान ग्राम कुंडा के छह किसानों ने इस समस्या को लेकर शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक पोर्टल दोबारा शुरू नहीं किया गया है।
किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, मुख्य सचिव विकासशील एवं मुख्यमंत्री सचिवालय के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह को ई-मेल के माध्यम से ज्ञापन भेजकर सरसों उत्पादक किसानों के हित में 30 मई तक खरीदी के लिए पोर्टल पुनः खोलने की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया है कि भारत सरकार की समर्थन मूल्य योजना के तहत रबी सीजन 2026-27 की नई फसल चना, मसूर एवं सरसों की खरीदी हेतु केंद्र निर्धारित किए गए थे। विभाग द्वारा जारी प्रचार-प्रसार सामग्री एवं पोस्टर में भी 1 मार्च से 30 मई तक खरीदी अवधि का उल्लेख किया गया था। इसी आधार पर किसान 16 मई को सरसों लेकर खरीदी केंद्र पहुंचे, जहां उन्हें बताया गया कि सरसों खरीदी की अंतिम तिथि 15 मई थी तथा पोर्टल बंद कर दिया गया है, जबकि चना और मसूर की खरीदी अब भी जारी है।
किसानों ने आरोप लगाया है कि विभागीय भ्रामक प्रचार-प्रसार के कारण वे समय पर सरसों बेच नहीं पाए। ज्ञापन में मांग की गई है कि किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए 30 मई तक सरसों खरीदी का पोर्टल पुनः खोला जाए तथा विभागीय त्रुटि की सजा किसानों को न दी जाए।