रायपुर : रायपुर नगर निगम के पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने कहा है कि 6 दिन से निगम प्रशासन कुंभ कर्णी नींद में सोई हुई है ऐसा लग रहा है की निगम में कोई जिम्मेदार जनप्रतिनिधि या अधिकारी है या नहीं,,, और अगर है तो उनकी बात कोई सुन रहा है या नहीं सुन रहा है ,,,6 दिनों में रायपुर शहर के लोग नरकीय जीवन व्यतीत कर रहे हैं ।रामकी कंपनी को लगभग 9 माह से राशि नहीं देने के चलते काम रुक गया है,,, उनके कर्मचारी हड़ताल पर हैं निगम ठेकेदार से बात करती है तो ठेकेदार पेमेंट की बात कहता है। लेकिन निगम उस पर कितना फाइन लगेगा इस पर दिमाग लगा रही है ना कि रायपुर शहर के लोगों को कैसे वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर संसाधन उपलब्ध हो इसकी चिंता हो रही है,, प्रमोद दुबे ने कहा है कि जब से निगम की स्थापना हुई है तब से लेकर आज तक इतने बुरे हालात में निगम को कभी नहीं देखा गया। दो माह से 30 वार्ड में पानी की लगातार दिक्कतें सुधरने का नाम नहीं ले रही है ऊपर से एक नई समस्या जिसका समाधान करने के लिए ना चारों विधायक ना सांसद ना महापौर ना सभापति न एमआईसी सदस्य न जोन अध्यक्ष न 61 पार्षद किसी को इसकी चिंता नहीं है।
चाहे रायपुर शहर नर्क बन जाए,,, निगम में यह बताने वाला नहीं है कि इसका समाधान कौन कर रहा है ,,,और कितने दिनों में यह नियमित होगा रायपुर की जनता ने पार्षद से लेकर मंत्री तक भाजपा का बनाया लेकिन जितने जनप्रतिनिधि चुनकर आए हैं केवल एक पेड़ मां के नाम लगाकर निश्चित हो गए जिस उद्देश्य के लिए जनता ने इन्हें चुना है वह सारे उद्देश्य धरे के धरे रह गए और सारे भाजपा नेता रोम के राजा नीरो जैसे जनता के साथ सलूक कर रहे हैं रोम जब जल रहा था तो न्यूरो चैन की बंसी बजा रहा था वही हाल अभी निगम में है.. प्रमोद दुबे ने कहा है कि जनता के ऐसी बहुमत का कभी इतना अपमान नहीं हुआ था जितना अभी हो रहा है,, प्रमोद दुबे ने कहा है कि इस शहर के विधायक एवं महापौर की खींचा तानी का नुकसान जनता को उठाना पड़ रहा है,, आज तक प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने इसी लिए बैठक लेकर न कोई कार्ययोजना के विषय मे चर्चा की न उनको कोई रुचि है,,, प्रमोद दुबे ने कहा कि इसके पूर्व जब वो महापौर थे तो अजय चंद्राकर जी प्रभारी मंत्री के हैसियत से हर 4 माह में समीक्षा करते थे। प्रमोद दुबे ने कहा है कि अविलंब सफाई ठेकेदार को बुलाकर समस्या नहीं सुलझाया गया तो आंदोलन होगा।