राजनांदगांव: गैंदाटोला-नुन्हाटोला मार्ग पर स्थित सरकारी शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर क्षेत्रवासियों का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि लगातार मांगों के बावजूद जिला स्तर पर कोई समाधान नहीं हुआ, जिसके चलते अब वे मुख्यमंत्री निवेदन यात्रा निकालकर सीधे राजधानी रायपुर में सरकार से गुहार लगाएंगे। बुधवार को प्रेसवार्ता में ग्रामीणों ने बताया कि 14 मई से शराब दुकान के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पदयात्रा से पहले धरना स्थल पर महिला किसान सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें शराब दुकान हटाने की मांग के साथ-साथ किसानों से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा होगी।
रिश्तेदारों तक पहुंचा न्योता, आंदोलन में बढ़ी भागीदारी
आंदोलन को व्यापक बनाने के लिए ग्रामीणों ने अपने रिश्तेदारों और परिचितों को भी सम्मेलन में शामिल होने का न्योता दिया है। महिलाएं विशेष रूप से अपने मायके पक्ष को फोन कर शामिल होने की अपील कर रही हैं, ताकि आंदोलन को अधिक जनसमर्थन मिल सके। धरनाकारियों का आरोप है कि प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं ले रहा है। भीषण गर्मी में महिलाएं और बच्चे धरने पर बैठे हैं, फिर भी उच्च अधिकारियों की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई। ग्रामीणों का कहना है कि केवल नायब तहसीलदार और आबकारी निरीक्षक स्तर के अधिकारी ही मौके पर आते हैं, जो यह कहकर लौट जाते हैं कि मामला उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है और सूचना ऊपर भेज दी जाएगी। आंदोलनकारियों ने यह भी बताया कि फरवरी से अब तक कई बार प्रदर्शन, ज्ञापन और मौखिक-लिखित अनुरोध किए जा चुके हैं, लेकिन परिणाम अब तक शून्य है।
धरना जारी रहेगा, भोजन व्यवस्था जनसहयोग से
मुख्यमंत्री निवेदन यात्राके दौरान भी अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। धरना स्थल पर प्रतिदिन लगभग 200 से 250 लोगों के लिए सुबह-शाम भोजन की व्यवस्था की जा रही है, जो पूरी तरह जनसहयोग से संचालित है। आंदोलन को विभिन्न सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों का समर्थन मिल रहा है। यात्रा के सुचारू संचालन के लिए डोंगरगांव, राजनांदगांव, दुर्ग और रायपुर के एसडीएम व एडीएम स्तर पर पत्राचार किया गया है। यात्रा मार्ग में पड़ने वाले गांवों से भी समर्थन की अपील की जा रही है। आंदोलनकारियों का कहना है कि यदि जिला स्तर पर समाधान नहीं निकलता तो अब राजधानी पहुंचकर मुख्यमंत्री को सीधे ज्ञापन सौंपा जाएगा। उनका कहना है कि यह यात्रा केवल विरोध नहीं, बल्कि वर्षों से लंबित जनभावनाओं की अभिव्यक्ति है।
एक नजर में पदयात्रा रूट
पदयात्रा गुरुवार को गैंदाटोला से शुरू होगी और 26 मई को रायपुर पहुंचेगी।
22 मई जोशीलमती से कुमर्दा होते हुए डोंगरगांव (रात्रि विश्राम),
23 मई डोंगरगांव से राजनांदगांव रात्रि विश्राम,
24 मई राजनांदगांव से दुर्ग रात्रि विश्राम,
25 मई दुर्ग से कुम्हारी रात्रि विश्राम,
26 मई कुम्हारी से रावणभाठा, जहां से प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर ज्ञापन सौंपेगा।