राजनांदगांव: मां पाताल भैरवी सिद्धपीठ बर्फानी आश्रम में शरद पूर्णिमा के अवसर पर 25 अक्टूबर की रात्रि को जड़ी-बूटियों से तैयार खीर प्रसाद का निश्शुल्क वितरण किया जाएगा। बर्फानी सेवाश्रम समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में श्वांस, दमा और अस्थमा से पीड़ित लोगों के लिए करीब 30 हजार से अधिक लोगों का प्रसाद तैयार कराया जा रहा है। वहीं, छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध नाचा पार्टी और लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां रात 10 बजे से शुरू होंगी। कार्यक्रम में लोकगीत, कर्मा, ददरिया, सुवा, जसगीत, पारंपरिक नृत्य और हास्य-व्यंग्य से भरपूर गम्मत आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
बर्फानी सेवाश्रम समिति के सचिव गणेश प्रसाद शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय संत बर्फानी दादाजी के आशीर्वाद से संचालित सिद्धपीठ में धार्मिक आयोजनों के साथ मानव सेवा और जनकल्याण के कार्य किए जाते हैं। इसी परंपरा के तहत वर्ष 1997 से शरद पूर्णिमा पर दुर्लभ जड़ी-बूटियों से खीर तैयार कर वितरित की जा रही है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार चंद्रमा की किरणों से प्राप्त अमृततुल्य प्रसाद के रूप में इसे तैयार किया जाता है। इस वर्ष भी समिति ने व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
समिति ने प्रसाद ग्रहण करने के इच्छुक श्वांस, दमा और अस्थमा पीड़ितों से मां पाताल भैरवी सिद्धपीठ पहुंचकर पंजीयन कराने की अपील की है। संस्था की ओर से प्रसाद ग्रहण करने के छह घंटे पहले और छह घंटे बाद तक नहीं सोने की हिदायत भी दी गई है। हालांकि, जड़ी-बूटीयुक्त खीर को इन बीमारियों का प्रमाणित उपचार नहीं माना जाना चाहिए। मरीजों को चिकित्सकीय सलाह और निर्धारित दवाएं जारी रखनी चाहिए। समिति द्वारा प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुरूप लोक कलाकारों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। नाचा पार्टी के कलाकार गम्मत के जरिए मनोरंजन करेंगे, वहीं लोक कलामंच पर कर्मा, ददरिया, सुवा, जस और अन्य पारंपरिक गीत-नृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे। हास्य-व्यंग्य आधारित प्रहसन भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगे।