April 21, 2026


अक्षय तृतीया एवं श्री राघव मंदिर प्राण प्रतिष्ठा दिवस के पावन अवसर पर दीप यज्ञ एवं श्री रामचरितमानस सुंदर काण्ड पाठ का आयोजन

किरन्दुल : अक्षय पुण्य, सुख-समृद्धि और अनंत मंगल फल प्रदान करने वाले पावन पर्व अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर श्रीराम जन कल्याण सेवा समिति (बैलाडीला देवस्थान समिति ) और गायत्री  परिवार श्री राघव मंदिर की संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को श्रद्धा, आस्था और भक्ति से परिपूर्ण शाम 6 बजे से दीप यज्ञ और संध्या 7 बजे सामुहिक महाआरती के पश्चात श्री रामचरितमानस सुंदरकांड का सामुहिक पाठ का आयोजन किया गया।अक्षय तृतीया का पर्व सनातन परंपरा में अत्यंत शुभ और पवित्र माना जाता है। “अक्षय” का अर्थ होता है – जो कभी समाप्त न हो। मान्यता है कि इस दिन किए गए पुण्य, दान, जप-तप और शुभ कार्यों का फल अक्षय रहता है, अर्थात कभी नष्ट नहीं होता।इसी कारण यह दिन नए कार्यों की शुरुआत, पूजन, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए विशेष रूप से श्रेष्ठ माना जाता हैं।

यह अवसर इसलिए भी अत्यंत विशेष और गौरवपूर्ण है क्योंकि इसी शुभ तिथि अक्षय तृतीया के दिन श्रीराघव मंदिर की स्थापना वर्ष 1972 में हुई थी।तब से आज तक यह पावन देवधाम नगरवासियों की अटूट श्रद्धा,आस्था, विश्वास और संस्कारों का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। श्रीराघव मंदिर की स्थापना के पश्चात से ही किरंदुल में धार्मिक जागरूकता, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता को एक नई दिशा मिली हैं।यह मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं, बल्कि समाज में एकता, सद्भाव, सेवा और आध्यात्मिक चेतना का प्रेरणास्रोत भी हैं।


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