राजनांदगांव :- नगर पालिक निगम भाजपा के वरिष्ठ पार्षद शिव वर्मा ने नागरिकों से अपील की है कि वे वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए निर्धारित समय सीमा के भीतर संपत्ति कर का भुगतान कर आकर्षक छूट का लाभ उठाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निगम द्वारा करदाताओं को राहत देने के उद्देश्य से चरणबद्ध छूट की व्यवस्था लागू की गई है।
नगर निगम द्वारा संपत्ति कर निर्धारण के लिए वार्षिक किराया मूल्य के आधार पर नई दरें तय की गई हैं। शहर को अलग-अलग जोनों में विभाजित कर प्रति वर्गफुट वार्षिक दर निर्धारित की गई है। हालांकि, वर्ष 2024–25 की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 137(1) के तहत एकमुश्त भुगतान करने वाले करदाताओं को निम्नानुसार छूट दी जाएगी: 1 अप्रैल 2025 से 31 जुलाई 2025 तक 6.25% छूट, 1 अगस्त 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक 4% छूट, 1 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक कोई छूट नहीं। निर्धारित समय के बाद बकाया कर पर 5% अतिरिक्त अधिभार लगाया जाएगा। करदाताओं को स्वनिर्धारण प्रपत्र भरने के लिए प्रति विवरणी ₹500 शुल्क देना होगा, जो पूर्व की तरह ही लागू रहेगा। निर्धारित समय सीमा के भीतर कर जमा नहीं करने पर अतिरिक्त अधिभार लागू होगा तथा उपकर भी पूर्ववत जोड़ा जाएगा, इसलिए समय पर भुगतान करना आर्थिक रूप से फायदेमंद रहेगा। नगर निगम ने कर निर्धारण के लिए शहर को विभिन्न जोनों में बांटा है, जिनमें प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं: गुडाखू लाइन, रामाधीन मार्ग, कामठी लाइन, गंज लाइन, सदर बाजार, हलवाई लाइन, गोल बाजार, जय स्तंभ चौक, हॉस्पिटल रोड, मानव मंदिर चौक, गौशाला पारा, हमालपारा, जीई रोड (स्टेडियम चौक से ट्रांसपोर्ट नगर तक)। इन क्षेत्रों के अनुसार अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं। पार्षद शिव वर्मा ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और जल्द से जल्द संपत्ति कर जमा कर छूट का अधिकतम लाभ लें। इससे न केवल व्यक्तिगत बचत होगी, बल्कि शहर के विकास कार्यों को भी गति मिलेगी। समय पर संपत्ति कर भुगतान करना न केवल जिम्मेदार नागरिक होने का संकेत है, बल्कि यह आर्थिक रूप से भी लाभकारी है। नगर निगम की इस पहल का लाभ उठाकर नागरिक अपने पैसे भी बचा सकते हैं और शहर के विकास में योगदान भी दे सकते हैं।