करोड़ों के भूमिपूजन में जनप्रतिनिधियों ने जलभराव और संकरी सड़क की अनदेखी क्यों की?
रायपुर : वामनराव लाखे वार्ड (क्र. 66) के अंतर्गत कुशालपुर–प्रोफेसर कॉलोनी मार्ग पर ₹296.85 लाख की लागत से कराए जा रहे डामरीकरण कार्य को लेकर अधिवक्ता एवं छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के पूर्व सदस्य मनोज सिंह ठाकुर ने तीखा प्रहार किया है। उन्होंने इस भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री सुनील सोनी और महापौर श्रीमती मीनल चौबे से सीधे सवाल किया है कि वे जनता को बताएं कि इस 'राजनीतिक दिखावे' से क्षेत्र की असली समस्या कैसे हल होगी?
मनोज सिंह ठाकुर ने जारी बयान में कहा, "कुशालपुर और संतोषी नगर में जलभराव रोकने के लिए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत ड्रेनेज सिस्टम के नाम पर करोड़ों का भ्रष्टाचार हुआ है। आज भी बारिश में कुशालपुर और प्रोफेसर कॉलोनी डूब जाते हैं। ड्रेनेज घपले पर मौन साधकर, बिना नाली सुधारे ₹296.85 लाख का डामर बिछाना यानी पहली ही बारिश में जनता का पैसा पानी में बहा देना है।"
सड़क चौड़ीकरण क्यों नहीं?
उन्होंने भौगोलिक स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि गोपिया पारा से माँ दंतेश्वरी मंदिर, संतोषी चौक, तिरंगा चौक होते हुए रिंग रोड चौक तक का पूरा मार्ग अत्यधिक संकरा हो चुका है। यहाँ दिन-रात लगने वाले भीषण जाम से स्कूली बच्चे, एंबुलेंस और आम नागरिक हलकान हैं। जनप्रतिनिधि यह बताएं कि बिना अतिक्रमण हटाए और सड़क चौड़ी किए सिर्फ डामर पोतने से ट्रैफिक जाम कैसे खत्म होगा?
मनोज सिंह ठाकुर की प्रमुख मांगें:
ड्रेनेज घपले की जांच: कुशालपुर व संतोषी नगर स्मार्ट सिटी ड्रेनेज प्रोजेक्ट में हुए करोड़ों के भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच हो।
पहले चौड़ीकरण, फिर डामरीकरण: जलभराव का स्थायी समाधान करते हुए पहले सड़क का चौड़ीकरण किया जाए, उसके बाद ही डामर बिछाया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने जनता की इन बुनियादी मांगों को अनसुना किया, तो क्षेत्र की जनता इस लीपापोती और भ्रष्टाचार के खिलाफ उग्र जन-आंदोलन करने को विवश होगी।