राजनांदगांव : संस्कारधानी में शारदीय नवरात्र पर सजे दुर्गा पंडालों में आस्था और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। शहर में स्थापित मां दुर्गा, मां काली और मां सरस्वती की आकर्षक प्रतिमाओं से प्रभावित महापौर मधुसूदन यादव ने अगले वर्ष से नगर निगम के माध्यम से सर्वश्रेष्ठ दुर्गा प्रतिमा प्रतियोगिता आयोजित करने की घोषणा की है। इसमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली समितियों को पुरस्कृत किया जाएगा। गणेशोत्सव प्रतियोगिता की पुरस्कार राशि भी अगले वर्ष से बढ़ाई जाएगी।
नवरात्र पर्व के दौरान महापौर ने शहर के विभिन्न दुर्गा पंडालों में पहुंचकर माता रानी के दर्शन किए और पूजा-अर्चना कर नगरवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने प्रतिमाओं के विविध स्वरूपों, पंडालों की सजावट और दुर्गोत्सव समितियों की ओर से की गई व्यवस्थाओं की सराहना की।
महापौर ने कहा कि संस्कारधानी में नवरात्र का पर्व श्रद्धा, परंपरा और सामाजिक एकता के साथ मनाया जाता है। दुर्गोत्सव समितियों की मेहनत से प्रतिमाओं और पंडालों को आकर्षक स्वरूप मिला है। इन प्रतिमाओं को देखकर मन आस्था और उल्लास से भर उठता है। उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव की तरह दुर्गोत्सव में भी उत्कृष्ट प्रतिमाओं को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
प्रतियोगिता के लिए बनेगी कार्ययोजना
महापौर ने बताया कि अगले वर्ष से गणेशोत्सव प्रतियोगिता की बढ़ी हुई पुरस्कार राशि दी जाएगी। साथ ही दुर्गा प्रतिमा प्रतियोगिता शुरू करने के लिए नगर निगम स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर पुरस्कार राशि निर्धारित की जाएगी। इसका उद्देश्य समितियों के रचनात्मक प्रयासों को प्रोत्साहन देना और शहर की सांस्कृतिक परंपराओं को और समृद्ध करना है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजन केवल आस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से सामाजिक सद्भाव, आपसी सहयोग और जनजागरूकता को भी बढ़ावा दिया जा सकता है। दुर्गोत्सव समितियों को स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के प्रयास भी करने चाहिए।