राजनांदगांव: बीमार किशोरी से थाने में क्रूरता के मामले में एक और राजफाश हुआ है। आरोप है कि 27 व 28 मई को पुलिस अमला पीडि़ता के स्वजनों को प्रलोभन देकर मामले को दबाने का प्रयास कर रहा था। दो दिनों तक स्वजनों पर दबाव बनाने की कोशिश की गई। इसमें सोमनी क्षेत्र के एक नेता की भूमिका भी बताई जा रही है जो कि मध्यस्थता कर रहा था। हालांकि पीडि़ता का परिवार प्रलोभन और दबाव के सामने नहीं झुका और अंतत: मामला उजागर हो गया। वहीं महिला आरक्षक के अलावा एक और महिला अफसर पर भी थाने में किशोरी के साथ दुर्व्यवहार किए जाने का तथ्य सामने आया है। ये जानकारी सामने आने के बाद प्रकरण और संवेदनशील हो गया है। इसके साथ ही जांच में नए एंगल शामिल हो सकते हैं। इधर, कांग्रेस इस मुद्दे पर लगातार हमलावर है। उन्होंने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव कर मामले में दोषियों के खिलाफ अपराध दर्ज किए जाने की मांग की है।
इस मामले में जिला प्रशासन ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बरती गई लापरवाही और थाने में किशोरी से किए गए बर्ताव और मारपीट की जांच के लिए दो अलग अलग समितियां बनाई थी। समितियों ने अपना जांच प्रतिवेदन भी सौंप दिया है जिसे राज्य शासन को भेजा गया है। आरोप है कि सोमनी थाना पुलिस के अधिकारियों ने किशोरी से मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले को दबाने के लिए परिवार वालों पर दबाव बनाने की कोशिश की। एक स्थानीय नेता के माध्यम से उन्हें थाने बुलाया गया और समझौते के लिए कहा गया। इसमें लेन-देन का प्रलोभन देने की जानकारी भी सामने आ रही है। इन दावों के साथ मामले में नए आरोप भी जुड़ गए हैं।
सिविल ड्रेस में आई महिला कौन थी
बताया जा रहा है कि 25-26 मई की दरम्यानी रात किशोरी से रात एक बजे सिविल ड्रेस में एक महिला अफसर भी सोमनी थाने पहुंची थी। पीडि़ता के स्वजनों ने बताया कि अफसर ने भी किशोरी से दुर्व्यवहार किया। अफसर ने दबाव डालकर, स्वजनों के सामने किशोरी के अवैध संबंध होने की बात बार बार दोहराते हुए उसे स्वीकार करने की बात कही। इधर, जिस गर्भ जांच किट पूरे विवाद की जड़ बनी हुई है उसकी निर्माता कंपनी मेडसोर्स ओजोन बायोमेडिकल्स प्राईवेट लिमिटेड के अधिकारी ने अतिरिक्त औषधी नियंत्रक के पास अपना बयान दर्ज कराया है। जबकि जांच समिति पहले ही जांच के लिए किट नोएडा स्थित लैब भेज चुकी है। लैब रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मामले में कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
एफआइआर की मांग : पुलिस-कांग्रेस के बीच दिखी तल्खी
मंगलवार की दोपहर 12.25 बजे कांग्रेसी नारेबाजी करते पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और घेराव किया। शहर जिला अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार ने एएसपी कीर्तन राठौर को ज्ञापन सौंपने से इंकार कर दिया और धरने पर बैठने की बात कही। फिर कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा और मुदलियार के बीच 25 मिनट तक तल्ख बातचीत हुई। एसपी ने दोषियों के तात्कालिक कार्रवाई का हवाला देते हुए जांच जारी होने की बात कही। मुदलियार ने पूछा कि जांच कब पूरी होगी और कब एफआइआर होगी। इस मामले पर ही लंबी बहस चली। एसपी ने जिला प्रशासन की जांच जारी होने की जानकारी देते हुए कहा कि जांच में जो भी परिणाम आएंगे, उस आधार पर सख्त एक्शन लेंगे। कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। इसके बाद उन्होंने आइजी कार्यालय का घेराव और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
सिविल ड्रेस में थाने पहुंचकर महिला अफसर ने किशोरी से दुर्व्यवहार किया है। दो दिनों तक मामले को दबाने का प्रयास सोमनी पुलिस करती रही। वहां तो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। तत्काल दूध का दूध पानी का पानी हो जायेगा। फिर भी पुलिस प्रशासन दोषियों पर एफआइआर नहीं कर रहा है।
जितेंद्र मुदलियार, अध्यक्ष, शहर कांग्रेस