राजनांदगांव :- शहर कांग्रेस के पूर्व महामंत्री एवं पूर्व पार्षद हेमंत ओस्तवाल ने एक पत्र के माध्यम् से जिले के जवाबदार कलेक्टर से यह मांग की है कि निगम क्षेत्र के लिये डॉ. रमन सिंह जी के द्वारा अधोसंरचना मद मुख्यमंत्री नगरोत्थान एवं सेंट्रल लाईब्रेरी योजना अंतर्गत राज्य बजट से लगभग ८ कार्यों हेतु ६३६५.७५ लाख रूपये की स्वीकृति में गंज चौक से कन्हारपुरी तक सडक़ चौड़ीकरण हेतु १४.६९ लाख रूपये की स्वीकृति निगम को प्राप्त दिनांक १५/०७/२०२५ को हुई लेकिन निगम के गैर जवाबदार आयुक्त एवं कार्यपालन अभियंता सहित महापौर के द्वारा जो सडक़ की कार्य योजना निजी बिल्डरों को लाभ पहुंचाने हेतु तैयार की गई थी ? जिसकी पूर्व में मेरे द्वारा शिकायत की गई थी कि वह सडक़ लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत आती है जिस सडक़ को निगम के द्वारा कैसे बनाया जा रहा है और उस घटिया मानसिकता और भ्रष्टाचार करके निजी बिल्डरों और भू-माफियाओं को लाभ पहुंचाकर जो खेल करने की नियती निगम के गैर जवाबदार आयुक्त महापौर एवं कार्यपालन अभियंता की सच्चाई जनता के सामने लाने का पूरा प्रयास कांग्रेस पार्टी द्वारा हमेशा किया गया और आज उसी सच्चाई का खुलासा निगम आयुक्त के द्वारा एन.ओ.सी. हेतु कार्यपालन अभियंता को जारी किये गये पत्र क्रमांक ८६९, दिनांक १०/०९/२०२५ द्वितीय पत्र क्र. २२२२, दिनांक १७/१२/२०२५ को जो पत्र कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग (भ/स) संभाग राजनांदगांव को सडक़ बनाने की अनुमति मांगी गई थी जिस पर लोक निर्माण विभाग के द्वारा एन.ओ.सी. नही दी गई इससे यह साबित हो गया कि निगम में जो निर्णय लिये जा रहे है वे शासन के नियम विरूद्ध सूर्यास्त के बाद रात के अंधेरे में निर्णय लेने का नतीजा आज यह है कि शहर की आम जनता को जिन मूलभूत सुविधाओं और सडक़ आदि का लाभ जो मिलना चाहिये वह नही मिल पा रहा है और जिले के कलेक्टर जितेन्द्र यादव जी से चाहूंगा कि अपनी आक्रमक भूमिका निभाते हुए निगम के गैर जवाबदार भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ इस गंभीर लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर तत्काल कार्यवाही करते हुए ७ दिनों के अंदर इसका खुलासा करें और शासन के द्वारा जिन नियमों के तहत् यह कार्य योजना स्वीकृत हुई है उसका पालन करवाने का आदेश जारी करवाए और शहर की आम जनता को जो यह १५ करोड़ की सडक़ से संबंधित निर्माण की प्रक्रिया किस स्थल पर बननी है और शहर में किस स्थल पर सडक़ चौड़ीकरण की जरूरत है उसको मौके स्थल पर आप स्वयं निरीक्षण कर आम जनता को लाभ मिल सके उसे ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को निर्देशित करें।