सुकमा : सुकमा नगर पालिका परिषद की लापरवाही से शहरवासी मूलभूत सुविधा से वंचित होकर जीवन जीने को मजबूर हैं, कई वार्डों में खुली नालियां मौत को दावत दे रही हैं तो जिला मुख्यालय का मुख्य मार्ग समेत आधा शहर रात होते ही अंधेरे में डूब जाता है।
नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मोहम्मद हुसैन कहा कि "डबल इंजन" का दावा करने वाली सरकार के राज में सुकमा में तीसरा इंजन बन जाने के बाद भी जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है।खुली नालियों का खतरा: शहर के कई वार्डों में नालियों पर ढक्कन ही नहीं हैं। आए दिन बच्चे-बुजुर्ग इनमें गिरकर चोटिल हो रहे हैं। बारिश में तो हालात और बदतर हो जाते हैं। बीमारी फैलने का खतरा अलग।. खंभों पर लाइट गायब: वार्डों के बिजली के खंभों पर लाइटें महीनों से खराब पड़ी हैं। शिकायत के बाद भी नगर पालिका सुध नहीं ले रही। . मुख्यालय मार्ग पर अंधेरा: जिला मुख्यालय को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग भी शाम ढलते ही अंधेरे में डूब जाता है। इससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। महिलाओं का शाम के बाद निकलना मुश्किल हो गया है।
. कई वार्ड अंधेरे में
नगर कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद हुसैन ने कहा, "नगर पालिका में भाजपा का कब्जा है और राज्य में भी इनकी सरकार है। फिर भी सुकमा की जनता अंधेरे में रहने को मजबूर है। क्या यही है विकास का मॉडल? नालियों के ढक्कन तक नहीं लगा सकते, स्ट्रीट लाइट नहीं लगवा सकते, तो करोड़ों के विज्ञापन किस बात के?
मोहम्मद हुसैन ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 15 दिन में खुली नालियों को ढका नहीं गया और वार्डों-मार्गों पर लाइट नहीं लगी तो कांग्रेस सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी।
स्थानीय निवासियों ने बताया, "रात को घर से निकलने में डर लगता है। नाली खुली है, लाइट नहीं है। बच्चे कब गिर जाएं पता नहीं। पालिका सिर्फ टैक्स वसूलती है, सुविधा कुछ नहीं देती"
नगरीय प्रशासन विभाग सिर्फ कागजों पर योजना चला रहा है, सुविधाओं के नाम से कर और टैक्स के वशुल कर किया जा रहा है दुरुपयोग