सुकमा : जिले के स्थानीय किसानों को सशक्त बनाने और उनके हुनर को एक बड़ा मंच देने के लिए जिला प्रशासन द्वारा बस स्टैंड परिसर में भव्य 'बंगनपल्ली आम मेले' का आयोजन किया जा रहा है। नीति आयोग के सहयोग और बिहान (एनआरएलएम) की स्व-सहायता समूह की दीदियों के नेतृत्व में लगा आम मेला लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गया है। सुकमा की मिट्टी में उपजे इन बंगनपल्ली आमों की बेजोड़ मिठास और लाजवाब गुणवत्ता स्थानीय लोगों के सिर चढ़कर बोल रही है, जिससे यह मेला क्षेत्र के आकर्षण का मुख्य केंद्र बन गया है।
इस अनूठी पहल को सराहने और स्थानीय किसानों का हौसला बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन की पूरी टीम मैदान में उतरी। बुधवार को कलेक्टर श्री अमित कुमार और एसपी श्री किरण चव्हाण ने मेले का विशेष निरीक्षण किया। वहीं मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुन्द ठाकुर और वन मंडलाधिकारी श्री अक्षय भोंसले सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों व कर्मचारियों ने भी स्टॉलों का भ्रमण किया। प्रशासनिक अमले ने न केवल व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि खुद आगे बढ़कर आमों की नकद खरीदी कर स्थानीय आजीविका को सीधा समर्थन दिया। स्टॉल में शुद्ध और ताज़ा आमरस का विक्रय किया जा रहा है जिससे समूह की दीदियों को अतिरिक्त आय अर्जित हो रही है।
अधिकारियों ने स्टॉलों पर मौजूद किसानों और दीदियों से सीधे संवाद कर आम के उत्पादन, मार्केटिंग और उससे होने वाली आय की बारीकियों को समझा। अधिकारियों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि यह आम मेला महज एक बाजार नहीं, बल्कि सुकमा के किसानों की आजीविका सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का एक मजबूत जरिया बन चुका है। इस दूरदर्शी पहल से बिचौलियों का खात्मा हुआ है और किसानों को सीधे उपभोक्ताओं का एक ऐसा मंच मिला है, जो उनकी आय को दोगुना करने में मील का पत्थर साबित हो रहा है।
गत 18 मई से शुरू हुए इस धमाकेदार आम मेले ने बेहद कम समय में सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं, जहां अब तक लगभग 1 लाख रुपये से अधिक के बंगनपल्ली आमों की बिक्री हो चुकी है। जिला प्रशासन का यह ठोस प्रयास सुकमा के कृषि उत्पादों को एक नई राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम है। स्थानीय स्वाद, स्वदेशी गौरव और किसानों की मेहनत का यह संगम इस बात का जीता-जागता सबूत है कि सुकमा अब बदल रहा है और विकास की नई इबारत लिख रहा है।