राजनांदगांव: मोहला-मानपुर के औंधी-नवागांव उपवन परिक्षेत्र में बाघ ने सोमवार की शाम चार बजे बैल को शिकार बना लिया। इस घटना के साथ ही नौ दिनों बाद फिर बाघ की मौजूदगी दर्ज हुई है। घोटियाकन्हार के ग्रामीणों ने बताया के सोमवार और मंगलवार को जंगल और हालेपायली जाने वाले मार्ग में भी बाघ देखा गया था। बाघ रास्ते से गुजर रहे चरवाहों पर घात लगाते हुए आगे बढ़ रहा था कि तभी ग्रामीणों ने उसे देख कर शोर मचाया और अपनी जान बचाने भागे। इस घटनाक्रम के बाद वन अमला फिर से अलर्ट हो गया है। स्कूली बच्चों के लिए वन विभाग द्वारा विशेष गाड़ी की व्यवस्था की जा रही है जो कि बुधवार से शुरु होगी।
हादसे के बाद घोटिया कन्हार के ग्रामीण जेम्स एक्का और रसिन्ता एक्का ने बताया कि उन्होंने मंगलवार को ही हालेपायली मार्ग में बाघ को देखा। दोनों बैलों को लेकर जा रहे थे तभी झाडि़यों की आड़ में घात लगाता बाघ आगे बढ़ रहा था। अचानक चरवाहों की नजर उस पर पड़ी तो वे घबरा गए और शोर मचाना शुरु किया। इसके बाद बाघ पीछे हटने लगा और ग्रामीणों ने जैसे तैसे अपनी जान बचाई। इससे पहले सोमवार को मंदा दुग्गा ने भी जंगल में मवेशी चराते हुए बाघ को देखा था।
औंधी-नवागांव उपवनक्षेत्र में बाघ की दहशत माह भर से बनी हुई है। आखिरी बार बाघ को इसी इलाके में 30 अगस्त को देखा गया था। इसके बाद सोमवार को देाबारा शिकार किए जाने की खबर सामने आई। वन विभाग का अमला लगातार प्रभावित क्षेत्र की गश्त में जुटा है और मुनादी कर ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है। मवेशी का शिकार किए जाने के बाद मंगलवार को वनविभाग के एसडीओ सुरेश पीपरे, रेंजर प्रवीण देहारी दल के साथ घोटियाकन्हार पहुंचे। जंगल के आसपास बाघ के निशान देखते हुए ट्रेप कैमरे लगाए गए हैं।