June 26, 2026


सिविल अस्पताल खरसिया में युवक की मौत पर हंगामा: परिवार जनों द्वारा न्याय की मांग

पाईल्स ऑपरेशन के लिए अस्पताल गया 22 वर्षीय युवक, दो घंटे में लौट आया शव! खरसिया सिविल अस्पताल पर लापरवाही के गंभीर आरोप, परिजन

खरसिया :- खरसिया सिविल अस्पताल में एक बेहद दर्दनाक और गंभीर मामला सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। ग्राम रतन महका, तहसील खरसिया निवासी 22 वर्षीय तामेश्वर मिश्रा पिता राघवेंद्र प्रसाद मिश्रा गुरुवार, 25 जून 2026 की सुबह लगभग 9 बजे पाईल्स के ऑपरेशन के लिए खरसिया शासकीय अस्पताल में भर्ती हुए थे। परिजनों के अनुसार युवक पूरी तरह स्वस्थ और सामान्य स्थिति में अस्पताल पहुंचा था, लेकिन महज दो घंटे बाद अस्पताल प्रबंधन ने उसके निधन की सूचना देकर परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया 

“सामान्य ऑपरेशन या मौत का जाल?”

परिजनों का आरोप है कि एक सामान्य माने जाने वाले ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ की घोर लापरवाही के कारण उनके बेटे की जान चली गई। अचानक हुई मौत की खबर सुनकर अस्पताल पहुंचे परिजन अपने जवान बेटे का शव देखकर बदहवास हो गए।

मृतक के परिजनों ने खरसिया चौकी में लिखित शिकायत दर्ज कर अस्पताल प्रभारी डॉ. वी. एस. राठिया, डॉ. सजन अग्रवाल तथा संबंधित स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यदि ऑपरेशन के दौरान कोई जटिलता थी तो उसकी जानकारी समय पर क्यों नहीं दी गई और आखिर ऐसी कौन सी चूक हुई जिससे एक स्वस्थ युवक की मौत हो गई।

अस्पताल गेट पर फूटा गुस्सा, शव रखकर धरने पर बैठे परिजन

घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल बन गया। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के मुख्य द्वार के सामने शव रखकर धरना शुरू कर दिया और दोषी डॉक्टरों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की।

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मामले की सूचना मिलते ही खरसिया एसडीएम प्रवीण तिवारी और चौकी प्रभारी त्रिनाथ त्रिपाठी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से चर्चा कर उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे।


“एफआईआर और मुआवजा दो”—परिजनों की दो टूक मांग

परिजनों ने प्रशासन के सामने स्पष्ट मांग रखी कि जिन डॉक्टरों और कर्मचारियों की लापरवाही से युवक की मौत हुई है, उनके खिलाफ कठोर धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाए तथा परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।


जब कई घंटों तक प्रशासन और परिजनों के बीच सहमति नहीं बन सकी, तो परिजन शव को लेकर रेलवे फाटक के पास स्थित चौक पर पहुंच गए और वहां धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए।


निष्पक्ष जांच की मांग, दोषियों पर कार्रवाई की उठी आवाज

परिजनों का कहना है कि उनके बेटे की मौत अस्पताल की गलत चिकित्सा और लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

प्रत्यक्ष दर्शी एवं 

व्यावसायिक और निजी सूचियां

लोगों का कहना है कि यदि इस मामले में किसी भी प्रकार की चिकित्सीय लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।

जनप्रतिनिधि भी पहुंचे समर्थन में

इस दुखद घटना के बाद खरसिया नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष प्रतिनिधि एवं शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुनील शर्मा भी अपने समर्थकों के साथ पीड़ित परिवार के समर्थन में पहुंचे। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।


फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है

जो युवक सुबह अपने इलाज के लिए स्वयं अस्पताल पहुंचा था, वह दो घंटे के भीतर मौत के मुंह में कैसे चला गया?

क्या यह चिकित्सा लापरवाही का मामला है या फिर इसके पीछे कोई गहरा रहस्य और कारण छिपा है?

इन सवालों का जवाब अब जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।


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