छुरिया : महज 1300 मीटर सड़क का डामरीकरण नहीं होने से 40 से 50 गांवों के ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। गेंदा टोला क्षेत्र की ग्राम पंचायत गर्रापार के आश्रित ग्राम खोरा टोला से रैनू टोला तक कच्चे मार्ग को पक्का बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कई सरकारें आईं, लेकिन सड़क निर्माण की पहल नहीं हुई। अब उन्होंने वर्ष 2027-28 के बजट में सड़क को शामिल करने की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर बांधा बाजार में चक्काजाम करने की चेतावनी दी है।
ग्रामीणों के अनुसार, सड़क का करीब 1300 मीटर हिस्सा अब भी कच्चा है। बारिश के दौरान रास्ता खराब होने से विद्यार्थियों और राहगीरों को करीब 10 किलोमीटर घूमकर जाना पड़ता है। इसी मार्ग से पंचायत, जनपद और जिला कार्यालयों के अलावा अस्पताल, बाजार तथा अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंचा जाता है। सड़क नहीं बनने से ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों में भी परेशानी होती है।
कई जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाई मांग
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण के लिए उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव, विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन सिंह, सांसद संतोष पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण वैष्णव, खुज्जी विधायक भोला राम साहू और पूर्व सांसद व महापौर मधुसूदन यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधियों से मांग की जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक सड़क निर्माण की दिशा में पहल नहीं होने का आरोप लगाया है।
बजट में शामिल नहीं हुई तो आंदोलन
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि वर्ष 2027-28 के बजट में सड़क निर्माण को शामिल नहीं किया गया तो आसपास के गांवों के किसान और ग्रामीण समय निर्धारित कर बांधा बाजार में चक्काजाम करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि वे एक बार फिर लोक निर्माण मंत्री अरुण साव से मिलकर समस्या से अवगत कराएंगे और अन्य जनप्रतिनिधियों के सामने भी अपनी मांग रखेंगे।