January 16, 2026


नवनियुक्त ब्लॉक अध्यक्ष का स्वागत लेकिन वरिष्ठ नेताओं की गैरमौजूदगी बनी चर्चा का विषय ,कांग्रेस पार्षद भी स्वागत कार्यक्रम में नहीं पहुंचे

गरियाबंद - नगर के हृदय स्थल तिरंगा चौक में संगठन सृजन अभियान के तहत नवनियुक्त ब्लॉक अध्यक्ष अमित मिरी के स्वागत एवं आभार रैली का आयोजन किया गया। फूल-मालाओं और ढोल-नगाड़ों के साथ हुए इस भव्य स्वागत समारोह में बिंद्रानवागढ़ विधायक जनक ध्रुव की मौजूदगी ने कार्यक्रम को राजनीतिक महत्व प्रदान किया। रैली के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता कांग्रेस भवन पहुंचे, जहां संगठन को मजबूत करने को लेकर बैठक आयोजित की गई।बैठक में विधायक जनक ध्रुव ने बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।वरिष्ठ नेता युगल किशोर पांडेय ने हर कार्यकर्ता तक पहुंच बनाने का आह्वान किया। जबकि रामकुमार वर्मा ने संगठन सुदृढ़ीकरण पर अपने विचार रखे।ब्लॉक अध्यक्ष अमित मिरी ने अपने उद्बोधन में प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व से लेकर जिला संगठन तक के वरिष्ठ नेताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं में उत्साह तो दिखा, लेकिन इसी बीच कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी भी खुलकर सामने आ गई।

आभार कार्यक्रम में गुटबाजी बेनकाब

वरिष्ठ कार्यकर्ता रहे दूर, कई दिग्गज नेता नदारत

गरियाबंद जिला मुख्यालय स्थित आदिवासी ब्लॉक में आयोजित इस आभार कार्यक्रम में कांग्रेस संगठन की एकजुटता सवालों के घेरे में आ गई। कार्यक्रम से वरिष्ठ और निष्ठावान कार्यकर्ताओं की दूरी साफ नजर आई, वहीं कई बड़े नेता और पदाधिकारी भी गैरहाजिर रहे।पूर्व मंत्री अमितेश शुक्ल,जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखचंद बेसरा,पूर्व विधायक प्रत्याशी संजय नेताम,नवनियुक्त शहर अध्यक्ष प्रेम सोनवानी सहित कई प्रमुख चेहरे कार्यक्रम में नजर नहीं आए। जिला मुख्यालय के शहर अध्यक्ष की अनुपस्थिति भी चर्चाओं का विषय बनी रही।

विधायक की मौजूदगी के बावजूद कांग्रेस भवन खचाखच नहीं भर पाया। बड़ी संख्या में खाली कुर्सियों ने संगठन की जमीनी हकीकत उजागर कर दी। जानकारी के अनुसार गरियाबंद ब्लॉक में 16 सेक्टर, 8 मंडल अध्यक्ष और 92 बूथ अध्यक्ष हैं।लेकिन आभार कार्यक्रम में गिने-चुने कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने नेतृत्व की चुनौती बढ़ा दी है।

पहले ही बड़े कार्यक्रम में गुटबाजी,कम उपस्थिति और नेताओं की गैरमौजूदगी ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया कि कांग्रेस संगठन में अभी एकजुटता का अभाव है। यदि समय रहते हालात नहीं संभाले गए।तो इसका सीधा असर आगामी राजनीतिक लड़ाइयों में पार्टी को भुगतना पड़ सकता है।


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