राजनांदगांव: वन विभाग ने अवैध शिकार के एक बड़े मामले का पर्दाफाश किया है। छुईखदान क्षेत्र के ग्राम खुड़मुड़ी में करंट लगाकर जंगली सूअर का शिकार करने वाले चार आरोपितों को वन विभाग की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपितों के पास से भारी मात्रा में वन्यजीव का मांस और शिकार में इस्तेमाल होने वाले हथियार बरामद किए गए हैं। वन विभाग को ग्राम खुड़मुड़ी के एक खेत में अवैध शिकार की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद वन परिक्षेत्र छुईखदान के अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम ने तत्काल मौके पर घेराबंदी कर दबिश दी। जांच में पता चला कि आरोपियों ने खेत में बिजली के खुले तार फैलाकर उसमें करंट प्रवाहित किया था, जिसकी चपेट में आने से एक जंगली सूअर की मौत हो गई थी।
भारी मात्रा में जंगली सूअर का मांस, करंट प्रवाहित करने के लिए इस्तेमाल किया गया विद्युत तार, कुल्हाड़ी, हंसिया और शिकार से जुड़ी अन्य सामग्री बरामद की गई है। बेजुबानों के साथ इंसानी जान के लिए भी बड़ा खतरा विशेषज्ञों और न्यायालयों ने खेतों या जंगलों में इस तरह अवैध विद्युत जाल बिछाने को वन्यजीवों के साथ-साथ आम नागरिकों के लिए भी बेहद गंभीर खतरा माना है। पूर्व में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जहाँ शिकारियों द्वारा बिछाए गए करंट की चपेट में आने से ग्रामीणों और ड्यूटी पर तैनात वनकर्मियों की जान जा चुकी है। यह कृत्य जैव विविधता को नुकसान पहुँचाने के साथ-साथ एक संगीन मानव अपराध भी है। चारों आरोपितों के खिलाफ विभिन्न गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से न्यायालय ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।वन विभाग ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में अवैध शिकार या करंट लगाने जैसी गतिविधियों पर आगे भी सख्त नजर रखी जाएगी।