राजनांदगांव: मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के मानपुर स्वास्थ्य केंद्र में बीती रात स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर मामला सामने आया। सड़क दुर्घटना में घायल युवक को बेहतर उपचार के लिए राजनांदगांव मेडिकल कालेज रेफर किया गया, लेकिन मरीज को ले जाने वाली 108 एंबुलेंस का चालक नशे की हालत में मिला। इतना ही नहीं, एंबुलेंस में डीजल भी नहीं था। इसके बाद मरीज के स्वजन को जीवन दीप समिति की एंबुलेंस से उसे राजनांदगांव ले जाना पड़ा और उसमें डीजल भी अपने खर्च से डलवाना पड़ा।
बताया गया कि दुर्घटना में घायल युवक को मानपुर स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उसे बेहतर उपचार के लिए रेफर किया गया। इस दौरान 108 एंबुलेंस चालक के नशे में होने की जानकारी सामने आई। वाहन में डीजल नहीं होने के कारण मरीज को समय पर ले जाने में भी समस्या उत्पन्न हुई। खंड चिकित्सा अधिकारी गिरीश खोबरागड़े ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि 108 एंबुलेंस चालक नशे की हालत में था और वाहन में डीजल भी नहीं था। इसलिए जीवन दीप समिति की एंबुलेंस में स्वजन ने डीजल डलवाकर मरीज को राजनांदगांव मेडिकल कालेज पहुंचाया। उन्होंने बताया कि 108 एंबुलेंस के जिला प्रबंधक ने चालक को नौकरी से हटाने की बात कही है।
प्रबंधन पर भी उठे सवाल
सूत्रों के अनुसार शुक्रवार दोपहर से ही 108 एंबुलेंस में डीजल नहीं था। लोगों का कहना है कि डीजल की समस्या पहले भी सामने आती रही है। आपातकालीन सेवा की एंबुलेंस में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं होना 108 सेवा के प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों और मरीज के स्वजन ने मामले की जांच कर चालक के साथ ही संबंधित प्रबंधन की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की मांग की है।