August 30, 2026


बौराया सावन आखिरी छह दिन भी बरसेगा बादल

यलो अलर्ट के बीच 60 मिमी से भी अधिक वर्षा, झड़ी से सुहाना हुआ मौसम

राजनांदगांव: विदाई के पहले सावन का महीना एक बार फिर से बौरा गया है। झमाझम बारिश ने क्षेत्र को लबालब कर दिया है। शनिवार को पूरे दिन रूक-रूककर हुई अच्छी वर्षा से चारों तरफ पानी ही पानी हो गया है। खेतों में तो पर्याप्त पानी भरा ही, शहर के कई हिस्से भी जलमग्न हो गए। दिनभर में 60 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई। सावन की विदाई में अब छह दिन शेष रह गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार इन छह दिनों में मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है।

इस मानसूनी सीजन में शुरुआती दिनों में अच्छी वर्षा के बाद बादल छाने के बाद बिना बरसे ही लौट जा रहा था। पिछले तीन दिनों से जारी वर्षा का सिलसिला बीती रात से मजबूत हुआ। शनिवार को सुबह से लगी झड़ी ने पूरे अंचल को तरबतर कर दिया। पूरे दिन लोग घरों में ही दुबके रहे। त्योहारी सीजन के बाद भी बाजार में भी सन्नाटा दिखा। मोहारा में शिवनाथ नदी का पुराना पुल एक बार फिर डूबने की स्थिति में है। जलाशयों की स्थिति भी फिर से लबालब वाली है। वहां से पानी छोड़े जाने पर रविवार से शिवनाथ नदी फिर से उफान पर होगी। उधर कलेक्टोरेट के सामने सर्विस लेन पर घंटों पानी भरा रहा।जिला न्यायालय परिसर, नगर निगम, तहसील कार्यालय, पुराना एसपी आफिस के साथ ही दोनों बस स्टैंड्स में भी जलभराव की स्थिति रही।

धान की मुरझाती फसलों पर आई जान, किसानों को राहत

पिछले सप्ताह तक मानसून की चाल अपेक्षाकृत कमजोर थी। इससे खेतों में भरा पानी सूख चुका था। खरीफ सीजन की फसल, विशेषकर धान के पौधे मुरझाने लगे थे। पिछले तीन दिनों के भीतर हुई अच्छी वर्षा ने फसलों में फिर से जान डाल दी है। खेत लबालब हो गए हैं। इससे किसानों को बड़ी राहत मिली है। तेंदूनाला के किसान बीरबल साहू ने बताया कि अभी का पानी बोता व रोपा, दोनों पद्धति से धान की खेती करने वाले किसानों को लाभ मिलेगा। साथ ही सही समय पर कीटनाशक व निंदानाशक का छिड़काव करने से फसलों की स्थिति और सुधरेगी।

औसत आंकड़ा लगभग बराबर, घुमका कमजोर

इस वर्ष वर्षा का औसत आंकड़ा लगभग बराबर ही है। बीते 10 वर्षों का औसत इसी अवधि में 657 मिमी का रहा है, जबकि इस वर्ष अब तक 644 मिमी वर्षा हो चुकी है। यानी लगभग 98 प्रतिशत बारिश हो चुकी। जिले में सबसे कमजोर स्थिति घुमका तहसील क्षेत्र की है जहां अब तक मात्र 63 प्रतिशत ही बारिश हो सकी है। भू-अभिलेख शाखा के अनुसार कुमरदा तहसील क्षेत्र में सर्वाधिक 121 प्रतिशत बारिश हुई है जबकि दूसरे नंबर पर 120 प्रतिशत के साथ राजनांदगांव तहसील क्षेत्र दूसरे क्रम पर है। डोंगरगढ़ और लालबहादूर नगर में बादल 98 प्रतिशत बरसा है। इसी तरह छुरिया में 626 मिमी के साथ 96 प्रतिशत, डोंगरगांव में 628 मिमी के साथ 89 प्रतिशत वर्षा हो चुकी है।



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