राजनांदगांव: नदी किनारे वाले क्षेत्रों में जगह-जगह प्रतिबंधित लाल ईंटों के अवैध भट्ठे धड़ल्ले से चलाए जा रहे हैं। विशेषकर राजनांदगांव से डोंगरगांव के मध्य शिवनाथ नदी के किनारे लगभग हर गांव में अवैध रूप से लाल ईंटों का निर्माण किया जा रहा है। शिकायतों के बाद प्रशासन की तरफ से छोटी जगहों पर कार्रवाई तो की जा रही है लेकिन बड़े भट्ठों को झांका नहीं जा रहा। इससे कार्रवाई पर प्रश्न चिन्ह लग रहे हैं।
शहर से लगे मोहारा, मोहड़, हरदी, बांकल, मोखला, भर्रेगांव समेत कई क्षेत्रों में नदी तट पर अवैध रूप से ईंट भट्ठों का संचालन किया जा रहा है। इसी तरह डोंगरगांव क्षेत्र में मटिया, बागद्वार, गिरगांव, मारगांव, बननवागांव, दर्री, बेंदरकट्टा, अर्जुनी और रतनभाट सहित पूरे क्षेत्र में अवैध रूप से लाल ईंट भट्टों का बड़े पैमाने पर संचालन किया जा रहा है। शासन द्वारा पूर्णत: प्रतिबंध के बावजूद लाखों ईंटों का निर्माण खुलेआम जारी है। इससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उधर शिकायत के बाद एक दिन पहले डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम जामरी व मुड़पार में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन को लेकर छापा मार कार्रवाई की गई। राजस्व विभाग की टीम द्वारा आकस्मिक निरीक्षण किया गया। हेमलाल सिन्हा द्वारा अवैध रूप से संचालित ईंट भट्ठे पर कार्रवाई करते हुए लगभग 1.5 लाख ईंट जप्त किया गया। निरीक्षण के दौरान ग्राम जामरी में नाले के पास अवैध रूप से रेत परिवहन करते हुए दो ट्रैक्टर पाए गए। मौके पर राजस्व विभाग की टीम के पहुंचते ही दोनों ट्रैक्टर चालक ट्रैक्टर का इंजन लेकर फरार हो गए। राजस्व विभाग द्वारा दोनों ट्रॉलियों में भरी रेत को ट्राली सहित जप्त कर थाना बोरतलाव को सुपुर्द किया गया।
कुल 13 वाहनों पर 4.98 लाख रुपये का चालान
कलेक्टर जितेंद्र यादव के निर्देशानुसार जिले में खनिज का अवैध उत्खनन एवं परिवहन करने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। माह अप्रैल में संभागीय परिवहन उडऩ दस्ता दुर्ग द्वारा दुर्ग एवं राजनांदगांव जिले में खनिज रेत, गिट्टी, मिट्टी, मुरूम का अवैध परिवहन करने वाले वाहनों की लगातार जांच कर कार्रवाई की जा रही है। जांच के दौरान 17 खनिज परिवहन ओवर लोड वाहनों पर कार्रवाई की गई। इसमें 13 वाहनों पर चार लाख 98 हजार रुपये की चालानी कार्रवाई कर राजस्व वसूली की गई। साथ ही चार वाहनों को जप्त कर नजदीकी थाने को सुपुर्द किया गया। खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण के रोकथाम के लिए लगातार गस्त, निगरानी व कार्रवाई की जा रही है।