राजनांदगांव: परिवहन विभाग ने ई-चालान के नाम पर बढ़ रही साइबर ठगी को लेकर वाहन चालकों और नागरिकों को सतर्क रहने की अपील की है। विभाग के अनुसार साइबर अपराधी परिवहन विभाग की वेबसाइट जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट और लिंक तैयार कर लोगों को ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन का भय दिखाते हुए ठगी का शिकार बना रहे हैं।
अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने बताया कि साइबर अपराधी मोबाइल पर फर्जी संदेश भेजकर तत्काल चालान जमा नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देते हैं। संदेश में दिए गए लिंक पर क्लिक करते ही नागरिकों से बैंक खाता, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, यूपीआइ और अन्य गोपनीय जानकारी मांगी जाती है। कई मामलों में मोबाइल एप डाउनलोड कराने का भी प्रयास किया जाता है। उन्होंने बताया कि ऐसे संदेश प्राय: अज्ञात मोबाइल नंबरों से भेजे जाते हैं और इनमें शासकीय डोमेन की जगह संदिग्ध डोमेन का उपयोग किया जाता है। इसलिए किसी भी संदिग्ध या शॉर्ट लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए और अज्ञात वेबसाइट पर अपनी व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
विभाग ने स्पष्ट किया कि ई-चालान की जानकारी केवल परिवहन विभाग के अधिकृत पोर्टल पर ही देखी जानी चाहिए। वाहन स्वामी चालान नंबर और ओटीपी के माध्यम से अपने चालान का सत्यापन कर सकते हैं। पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा जारी प्रत्येक वैध ई-चालान की सूचना केवल अधिकृत ई-चालान प्रणाली के जरिए वाहन स्वामी के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजी जाती है। अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने नागरिकों से किसी भी अज्ञात व्यक्ति को ऑनलाइन भुगतान नहीं करने तथा डिजिटल लेन-देन के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश, लिंक या मोबाइल एप के संबंध में निकटतम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने अथवा साइबर हेल्पलाइन 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत करने की सलाह दी गई है। परिवहन विभाग ने नागरिकों से सतर्क और जागरूक रहकर ही साइबर ठगी से बचाव करने की अपील की है।