June 26, 2026


अधूरी नालियां बारिश में बढ़ाएंगी परेशानी

राजनांदगांव: शहर के विभिन्न वार्डों में अधूरे पड़े नाली निर्माण कार्य अब आम लोगों के लिए बड़ी समस्या बनते जा रहे हैं। मानसून की शुरुआत के साथ ही निर्माणाधीन नालियों में पानी भरने लगा है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में जलभराव और कीचड़ की स्थिति निर्मित हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर महीनों पहले नाली निर्माण शुरू किया गया था, लेकिन कार्य अधूरा छोड़ दिए जाने से आवागमन प्रभावित हो रहा है।

बारिश के दौरान अधूरी नालियों में पानी जमा होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगा है। वहीं कई जगहों पर खुले गड्ढे दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। दोपहिया वाहन चालक और पैदल राहगीर सबसे अधिक परेशान हैं। रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने से हादसे की आशंका और बढ़ जाती है।

नाली निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी नागरिकों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। ठेठवार पारा, बाल गोविंद चौक और तुलसीपुर क्षेत्र में कई स्थानों पर हाल ही में किए गए कार्यों की गुणवत्ता पर लोगों ने चिंता व्यक्त की है। निर्माण कार्यों में मानकों का पालन नहीं होने के कारण नाली जल्द ही उखड़ने लगती हैं और गड्ढे बनने लगते हैं। 

राजनांदगांव शहर के विभिन्न इलाकों में सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य के दौरान निर्माण सामग्री को सड़क किनारे व्यवस्थित रखने के बजाय मार्ग पर ही छोड़ दिया जा रहा है। ठेठवार पारा, बाल गोविंद चौक और तुलसीपुर क्षेत्र में गिट्टी, मुरूम तथा अन्य सामग्री सड़क पर फैली होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के लिए यह स्थिति अधिक जोखिमपूर्ण बन गई है। संकरी सड़कों पर सामग्री के ढेर लगने से यातायात बाधित हो रहा है और कई स्थानों पर जाम जैसी स्थिति भी बन रही है।

रात में नहीं दिखते गड्ढे, दुर्घटना का बढ़ा खतरा

शहर के कई इलाकों में सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य के बाद बने गड्ढों को बिना चेतावनी संकेतक और बैरिकेडिंग के छोड़ दिया गया है। ठेठवार पारा, बाल गोविंद चौक और तुलसीपुर क्षेत्र में रात के समय यह समस्या और गंभीर हो जाती है। पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने के कारण वाहन चालकों को सड़क पर बने गड्ढे समय पर दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। कई बार दोपहिया वाहन चालक गड्ढों में फंसकर गिर चुके हैं। निर्माण एजेंसियों को रात के समय रिफ्लेक्टर, चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा बैरिकेड लगाना चाहिए ताकि राहगीरों को पहले से जानकारी मिल सके। मानसून के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में सुरक्षा उपायों की अनदेखी कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।


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