राजनांदगांव: शहर की सबसे पाश कालोनियों में से एक सनसिटी कालोनी में निर्माणाधीन जैन मंदिर में गुरुवार को जैन धर्म के प्रथम तीर्थकर ऋषभदेव भगवान, 23वें तीर्थकर पार्श्वनाथ भगवान, दादा जिन कुशल सूरी गुरुदेव की प्रतिमाएं स्थापित की गई। शांति स्नात्र पूजा और भोजन प्रसादी के साथ दो दिवसीय चल प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न हुआ। आचार्य पीयूष सागर सूरीश्वर के सानिध्य में शांति विधान पूजन में महिलाओं ने उत्साह के साथ सहभागिता की। मंत्रोच्चार के बीच मंदिर में आरती की गई।
महोत्सव के अंतिम दिन सुबह 7.15 बजे पूजन-अनुष्ठान शुरू हुआ। स्नात्र पूजा के बाद प्रतिष्ठा कराई गई। इस दौरान पूजा-अर्चना और शांति विधान के साथ ही मंदिर में आरती हुई। महोत्सव के सभी अनुष्ठान आचार्य पियूष के सानिध्य में संपन्न हुआ। आखिर में सनसिटी जिनालय द्वारा सभी के लिए गौतम प्रसादी की व्यवस्था रखी गई थी। प्रथम दिवस प्रभु भक्ति संध्या में गुरुभक्त भावेश बैद, सजल बैद और श्री शांति विजय सेवा समिति द्वारा प्रस्तुत भक्तिमय भजनों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। देर रात तक श्रद्धालु प्रभु भक्ति में लीन रहे और पूरे परिसर में भक्ति एवं उल्लास का वातावरण बना रहा। महोत्सव समिति के संयोजक गुलाब गोलछा ने बताया कि गुरुवार को प्रतिष्ठा महोत्सव का मुख्य आयोजन हुआ। होगा। प्रातः 7:15 बजे शुभ मुहूर्त में चल प्रतिष्ठा महोत्सव हुआ। फिर लाभार्थी परिवार का बहुमान किया गया। इसके बाद सुबह 10:25 बजे से शांति स्नात्र महोत्सव हुआ।
दो दिनों तक धर्ममय रहा कालोनी का वातावरण
श्री तीर्थकर समवशरण जिनालय और दादाबाड़ी ट्रस्ट सनसिटी के साथ ही श्री जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ व सकल जैन श्रीसंघ द्वारा आयोजित इस महोत्सव के लिए कालोनी परिसर को धार्मिक परंपराओं के अनुरूप सज्जित किया गया था। अध्यक्ष रमेश ललवानी व सचिव नीरज कोटड़िया ने बताया कि दोनों दिन संस्कारधानी से समाज के विशिष्टजनों के साथ ही रायपुर, भिलाई, दुर्ग व अन्य शहरों से भी बड़ी संख्या में सामाजिकजनों का जमावड़ा रहा। महोत्सव के संपन्न होते तक कालोनी परिसर का वातावरण धर्ममय बना रहा।