June 19, 2026


दुर्ग में कॉलेज एडमिशन शुरू: हेमचंद विश्वविद्यालय समेत निजी यूनिवर्सिटीज में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ

दुर्ग :  दुर्ग जिला स्थित हेमचंद यादव विश्वविद्यालय समेत श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, भारती विश्वविद्यालय, रुंगटा स्किल यूनिवर्सिटी में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। वहीं शासकीय वीवायटी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्वशासी होने के कारण इस वर्ष उनके पोर्टल के माध्यम से प्रवेश हो रहा है। प्रवेश के लिए विश्वविद्यालय के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना जरूरी है। इसके बाद उसकी हार्ड कापी मय दस्तावेज के संबंधित महाविद्यालयों में जमा करनी होती है।

छत्तीसगढ़ शासन के उच्चशिक्षा विभाग ने नए सत्र में प्रवेश के लिए प्रवेश तिथियों की सारिणी जारी कर दी गई है। जिसके अनुसार प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश हेतु 16 जून से 15 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे। अंतिम तिथि 31 जुलाई रहेगी। कुलपति की अनुमति से 14 अगस्त तक स्थान रहने पर प्रवेश दिए जा सकेंगे।

हेमचंद विश्वविद्यालय के पोर्टल में ऑनलाइन आवेदन 10 महाविद्यालयों के लिए किया जा सकता है। जहां प्रावीण्यता के आधार पर प्रवेश दिए जाएंगे।

निजी विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए आनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यम उपलब्ध है। शुल्क कम होने से शासकीय महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए ज्यादा भीड़ रहती है, वहीं निजी शिक्षण संस्थाएं भी गुणवत्ता में पीछे नहीं है। इस वर्ष भी विज्ञान एवं वाणिज्य के साथ बी बी ए का कट ऑफ अधिक जाने की संभावना है। कई कॉलेजों में काउंसिलिंग की भी व्यवस्था की गई है वहीं हेल्प डेस्क भी बनाए गए हैं।

ये महाविद्यालय भी छात्र-छात्राओं की पसंद

शासकीय महाविद्यालयों में स्वशासी वीवायटी स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग, गर्ल्स कॉलेज दुर्ग, वैशाली नगर, भिलाई-3 के महाविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वाधिक पसंद में है, तो वहीं निजी विश्वविद्यालय में श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, भारती विश्वविद्यालय, रूंगटा स्किल यूनिवर्सिटी के शिक्षण विभाग तथा कल्याण महाविद्यालय, सेठ रतनचंद सुराना महाविद्यालय, सेक्टर 9 के महिला महाविद्यालय में भी प्रवेश के लिए विकल्प रहता है।

साइंस कॉलेज में कट ऑफ मार्क्स ज्यादा

साइंस कॉलेज दुर्ग प्रदेश का इकलौता ए प्लस ग्रेड प्राप्त महाविद्यालय होने के कारण यहां बीएससी एवं बी.कॉम में प्रवेश के लिए कट ऑफ मार्क्स काफी ज्यादा रहता है। अधोसंरचना, शिक्षकों की बड़ी संख्या और उच्च स्तरीय प्रयोगशालाएं, समृद्ध पुस्तकालय विद्यार्थियों को इसे फर्स्ट च्वाईस देने के लिए पर्याप्त है।

गर्ल्स कॉलेज में सर्वाधिक भीड़

जिले का एकमात्र गर्ल्स कॉलेज वा.वा. पाटणकर कन्या महाविद्यालय में भी बी कॉम, बीएससी में सर्वाधिक भीड़ रहती है। वहीं बी.बी.ए. की न्यूनतम शुल्क में पढ़ाई के लिए प्रदेश का इकलौता महाविद्यालय है। यहां प्रदर्शनात्मक कला के लिए संगीत, नृत्य और चित्रकला, मूर्तिकला के पाठ्यक्रम छात्राओं के लिए बेहतर करियर आप्सन है।

निजी विश्वविद्यालयों के प्रति भी रूझान

निजी विश्वविद्यालयों में श्री शंकराचार्य समूह विगत 40 वर्षों से अंचल में उच्चशिक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहा है। श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के शिक्षण विभाग में परंपरागत कोर्स के साथ ही फार्मेसी, इंजीयरिंग, विधि, पत्रकारिता, फिजिकल एजुकेशन के पाठ्यक्रम विद्यार्थियों के लिए बहुउपयोगी है। बी.कॉम, बीबीए सर्वाधिक मांग वाले पाठ्यक्रम हैं। निजी विश्वविद्यालयों में भारती विश्वविद्यालय और रूंगटा स्किल यूनिवर्सिटी में भी विभिन्न संकायों के पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रारंभ हुआ है।

ये महाविद्यालय भी उच्च शिक्षा के लिए बेहतर विकल्प

कल्याण स्नातकोत्तर महाविद्यालय और दुर्ग के सेठ रतनचंद सुराणा महाविद्यालय भी विद्यार्थियों के पसंदीदा महाविद्यालय है, यहां भी वाणिज्य और विज्ञान संकाय में प्रवेश के लिए काफी मारामारी होती है। सेक्टर 9 के भिलाई महिला महाविद्यालय तथा रूआबांधा के सेंट थॉमस कॉलेज में भी कला, वाणिज्य, विज्ञान और शिक्षा संकाय में प्रवेश के लिए विद्यार्थी बड़ी संख्या में आते हैं।


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