राजनांदगांव :- प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना जिले के ग्रामीण अंचल में नई क्रांति ला रही है। स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ ही यह योजना ग्रामीणों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही है। डोंगरगढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत मुसराकला, अछोली और डोंगरगांव विकासखंड की अर्जुनी इस बदलाव की मिसाल बन चुकी हैं। यहां बड़ी संख्या में ग्रामीण रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाकर न केवल अपना बिजली बिल शून्य कर रहे हैं, बल्कि अतिरिक्त बिजली का उत्पादन कर भविष्य में आय अर्जित करने की दिशा में भी कदम बढ़ा रहे हैं।
सरपंचों ने खुद सोलर पैनल लगाकर की शुरुआत
मुसराकला: सरपंच श्रीमती गायत्री टेम्भुरकर ने बताया कि पंचायत में 29 घरों में संयंत्र लग चुके हैं, 10 प्रक्रिया में हैं और 16 परिवारों ने नया पंजीयन कराया है। सरपंच ने खुद अप्रैल 2026 में 3 किलोवॉट का संयंत्र लगवाया। पहले उनका मासिक बिल 1200 रुपये आता था, जो अब शून्य हो गया है।
अछोली: सरपंच नंद कुमार साहू ने बताया कि पंचायत में विशेष शिविर लगाकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया। अब तक 50 घरों में सोलर प्लांट लग चुके हैं और 15 आवेदन प्रक्रिया में हैं। जिन परिवारों का बिल 1 से 2 हजार रुपये आता था, उनका बिल अब शून्य हो गया है।
अर्जुनी: सरपंच श्रीमती ललिता साहू के अनुसार गांव में 47 घरों में रूफटॉप सोलर लग चुके हैं। उन्होंने स्वयं 4 माह पूर्व 3 किलोवॉट का संयंत्र लगाया, जिससे गर्मी के दिनों में आने वाला 3 हजार रुपये से अधिक का बिल अब समाप्त हो गया है।
जिले में 4 हजार से अधिक घरों में स्थापित हुए संयंत्र
योजना के प्रति ग्रामीणों का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। जिले में अब तक प्राप्त 8,871 आवेदनों में से 4,317 हितग्राहियों के घरों में रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें से 3,205 हितग्राहियों को सब्सिडी प्राप्त हो चुकी है, जबकि 1,155 परिवारों का बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो चुका है। शेष आवेदनों के सत्यापन और स्थापना की प्रक्रिया तेजी से जारी है।