June 07, 2026


पर्यावरण संरक्षण : झिल्ली पन्नी का उपयोग न करने निगम की समझाइश नंदई और निगम कार्यालय के सामने कार्रवाई

राजनांदगांव :- पर्यावरण संरक्षण और मानव जीवन व मवेशियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाना बेहद जरूरी हो गया है। झिल्ली-पन्नी न केवल पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि नालियों में फंसकर जलभराव और गंदगी का सबसे बड़ा कारण बन रही है। वर्तमान में नगर निगम द्वारा वर्षा पूर्व बड़े नाले-नालियों की सफाई कराई जा रही है, जिसमें सबसे ज्यादा प्लास्टिक कचरा ही निकल रहा है। इस समस्या से निपटने के लिए निगम प्रशासन ने अब सख्ती के साथ-साथ जन-जागरूकता अभियान तेज कर दिया है।

इसी कड़ी में नगर निगम की टीम ने प्रतिबंधित प्लास्टिक का विक्रय और उपयोग करने वाले दुकानदारों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा के निर्देश पर आज स्वास्थ्य अमले ने नंदई चौक और निगम कार्यालय के सामने विशेष अभियान चलाया। इस दौरान 16 ठेला-खोमचा, दुकानों और होटलों की जांच की गई, जहां प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग पाया गया। टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए 1 हजार 8 सौ रुपये का जुर्माना वसूला और करीब 2 किलो सिंगल यूज प्लास्टिक जब्त की।

बिना जन-सहयोग के रोक संभव नहीं

निगम प्रशासन का कहना है कि स्वास्थ्य अमला समय-समय पर दुकानदारों को समझाइश देने के साथ चालानी कार्रवाई भी कर रहा है, लेकिन बिना आम नागरिकों के सहयोग के सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूरी तरह रोक लगाना संभव नहीं है। निगम सफाई व्यवस्था और जलभराव रोकने के लिए नालों की सफाई तो कर रहा है, परंतु जब तक लोग खुद जागरूक नहीं होंगे, तब तक पर्यावरण संरक्षण की यह पहल कारगर साबित नहीं होगी।

दुकानदार और नागरिक दोनों बनें सहभागी : आयुक्त

नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा ने सभी व्यापारियों से अपील की है कि वे अपने प्रतिष्ठानों में नियमित साफ-सफाई रखें और प्रतिबंधित प्लास्टिक का क्रय-विक्रय व उपयोग कतई न करें। इसके साथ ही उन्होंने नागरिकों से भी आह्वान किया है कि वे स्वच्छता को अपनी आदत बनाएं। जब भी घर से बाहर निकलें, अपने साथ कपड़े का थैला जरूर रखें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित कर पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी निभाएं।


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