राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पर्व पोला के अवसर पर गुरुवार शाम को गंज लाइन में झमाझम बारिश के बीच रोमांचक बैल दौड़ का आयोजन किया गया। तेज वर्षा के बाद भी लोगों में आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। लखोली नाका से तिरंगा चौक तक हुई इस बैल दौड़ में 22 बैल जोड़ियों ने हिस्सा लिया। दौड़ में नंदई निवासी धनुष कुमार सोनकर की बैल जोड़ी ने प्रथम स्थान हासिल किया। आयोजकाें द्वारा उन्हें पुरस्कृत किया गया।
गंज लाइन में पोला पर्व के अवसर पर बैल दौड़ का आयोजन पिछले करीब 90 वर्षों से लगातार किया जा रहा है। बाल समाज गणेश उत्सव समिति परिवार एवं गंज लाइन व्यवसायी जन इस पारंपरिक आयोजन को वर्षों से आगे बढ़ाते आ रहे हैं। आयोजन के माध्यम से पोला पर्व की ग्रामीण एवं कृषि संस्कृति से जुड़ी परंपराओं को जीवंत रखने का प्रयास किया जाता है। आयोजन समिति के संरक्षक सूर्यकांत जैन ने बताया कि पोला पर्व के अवसर पर गंज लाइन में शहरवासियों के लिए भव्य पोला मेले का भी आयोजन किया जाता है। पोला छत्तीसगढ़ की समृद्ध कृषि संस्कृति से जुड़ा प्रमुख पारंपरिक पर्व है। इस अवसर पर किसान कृषि कार्य में उपयोग होने वाले औजारों एवं अन्य साधनों के साथ पशुधन की पूजा-अर्चना करते हैं। बैलों को विशेष रूप से सजाकर उनकी पूजा की जाती है और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जाती है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए गंज लाइन में बैल दौड़ का आयोजन किया गया। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोग दौड़ देखने पहुंचे और प्रतिभागी बैल जोड़ियों का उत्साह बढ़ाया। जैसे ही बैल दौड़ शुरू हुई, सड़क के दोनों ओर मौजूद लोगों में उत्साह और रोमांच देखने को मिला। प्रतिभागियों ने पूरे जोश के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। लखोली नाका से तिरंगा चौक तक हुई दौड़ में बैल जोड़ियों ने अपनी ताकत और रफ्तार का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सूर्यकांत जैन, दामू भूतड़ा, कैलाश राठी, मोहन चुनरकर, मुन्ना अग्रवाल, शिव राठी, लाली जैन, राजीव जैन, गोपू शर्मा, मनीष खंडेलवाल सहित बाल समाज एवं युवा साथियों की सक्रिय सहभागिता रही।
नंदई निवासी धनुष कुमार सोनकर की बैल जोड़ी प्रथम
प्रतियोगिता में नंदई निवासी धनुष कुमार सोनकर की बैल जोड़ी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। उनकी जोड़ी के प्रथम आने पर आयोजन स्थल पर मौजूद लोगों ने तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया। आयोजन के समापन पर सभी प्रतिभागियों एवं पशुधन मालिकों को सम्मानित कर पुरस्कृत किया गया। आयोजन समिति की ओर से पारंपरिक पर्वों और संस्कृति को जीवंत बनाए रखने में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। बाल समाज के नवनियुक्त अध्यक्ष धीरज पोरवाल ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों, व्यवसायियों, प्रतिभागियों एवं शहरवासियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे पारंपरिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।