राजनांदगांव : अवैध उत्खनन और तीन मासूमों की असमय मृत्यु के जिम्मेदार माने जा रहे ठेकेदार आरके जैन कंस्ट्रक्शन, बिलासपुर के खिलाफ प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद रेलवे ठेकेदार पर जुर्माना लगाने, पीडि़त परिवारों को मुआवजा दिलाने का निर्णय लिया है। शीघ्र ही तय कर राशि जारी की जाएगी। इसके साथ ही बोरतलाब में रेलवे ठेकेदार द्वारा करीब 14 वर्ष पूर्व अवैध उत्खनन के कारण बनी डबरी को भी सुरक्षित किए जाने की तैयारी है। दूसरी ओर हादसे के दो महीने बाद भी पुलिस अपनी विवेचना पूरी कर रेलवे ठेकेदार का नाम एफआइआर में नहीं जोड़ सकी है।
जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन द्वारा एडीएम की अगुवाई में गठित पांच सदस्यीय जांच कमेटी ने पखवाड़े भर पहले ही जांच प्रतिवेदन कलेक्टर को सौंप दिया था। ग्रामीणों और पीडि़तों के बयान, खनिज विभाग से ली गई अनुमति की जांच और घटना स्थल का निरीक्षण करने के बाद समिति ने वस्तुस्थिति के साथ कार्रवाई की अनुशंसा की थी। इस पर जिला प्रशासन ने निर्णय ले लिया है। उधर 29 अगस्त को गौरीनगर में निर्माणाधीन रेलवे अंडरब्रिज के गहरे पानी में हुई एक अधेड़ व्यक्ति की मौत के मामले में भी रेलवे ने जिम्मेदार ठेकेदार के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने प्रशासन स्तर पर भी किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जा सकी है।
ग्राम बोरतलाव में तीन स्कूली बच्चों की जान लेने वाला गड्ढा वर्षों पहले रेलवे की तीसरी लाइन के निर्माण के दौरान खोदा गया था। वर्ष 2011-12 में बिलासपुर के रेलवे ठेकेदार आरके जैन कंस्ट्रक्शन ने मिट्टी की खुदाई के लिए बनाए इस गड्ढे को काम पूरा होने के बाद समतल तक नहीं कराया। बारिश के बाद इसमें पानी भरता रहा और आखिरकार यही गड्ढा 15 जुलाई 2026 को तीन बच्चों के लिए मौत का कुंड बन गया। शुरुआती जांच में इस पूरे मामले में ठेकेदार की गंभीर लापरवाही सामने आई थी। बताया गया है कि जिस जमीन पर खुदाई की गई, उसके लिए संबंधित किसान से विधिवत अनुबंध भी नहीं किया गया था। इसके अलावा निर्धारित मानकों की अनदेखी करते हुए गड्ढे की जरूरत से अधिक गहराई तक खुदाई किए जाने की बात भी जांच में सामने आई है।
पुलिस को अब तक पत्र की प्रतीक्षा
पुलिस ने 16 जुलाई को ही इस प्रकरण में तत्कालीन रेलवे ठेकेदार व अन्य पर एफआइआर दर्ज कर ली। लेकिन दो महीने बीतने के बाद भी ठेकेदार का नाम इसमें दर्ज नहीं किया जा सका है। एसडीओपी केशरी नंदन नायक के अनुसार, खनिज विभाग से उत्खनन के संबंध में जानकारी मांगी गई है। इसके बाद ही विवेचना आगे बढ़ेगी। उधर कलेक्टर जितेंद्र यादव ने कहा कि अवैध उत्खनन से बने गड्ढे में हादसे रोकने के लिए यहां बाउंड्री-फेंसिंग की जाएगी। बताया जा रहा है कि, एक बार फिर अवैध उत्खनन का सीमांकन कराया जाएगा। अवैध उत्खनन का चिन्हांकन और नाप के बाद खनिज नियमानुसार ठेकेदार से जुर्माना वसूला जाएगा। इसके अतिरिक्त हादसे का जिम्मेदार मानते हुए उक्त ठेकेदार को पीडि़त परिवार की क्षति के अनुसार मुआवजा भी देना होगा।