खैरागढ़: खरीफ सीजन में किसानों को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और वैध कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग ने अवैध कीटनाशकों के भण्डारण एवं विक्रय के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग ने खैरागढ़ के दो कृषि केन्द्रों में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर कीटनाशक विक्रय पर तत्काल प्रतिबंध लगाते हुए दोनों प्रतिष्ठानों को सीलबंद कर दिया है। कीटनाशक निरीक्षक विरेंद्र डहरिया, अनुविभागीय कृषि अधिकारी खैरागढ़ तथा सहायक संचालक कृषि लुकमान साहू की टीम ने कृषि समाधान केंद्र, खैरागढ़ एवं जैविक प्रचार कृषि केंद्र खैरागढ़ का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों कृषि केंद्रों में कीटनाशकों के विक्रय और भंडारण से संबंधित कई गंभीर अनियमितताएं सामने आइ। विभागीय जांच में बिना स्रोत प्रमाण-पत्र के कीटनाशकों का विक्रय किए जाने, भंडारण पंजी का समुचित संधारण नहीं किए जाने तथा वैध प्रमाण-पत्र को निर्धारित स्थान पर प्रदर्शित नहीं करने की बात सामने आई। इसके अलावा कीटनाशकों के भण्डारण स्थल का वैध प्रमाण-पत्र में उल्लेख नहीं पाया गया।
संचालकों से मांगा स्पष्टीकरण
इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए कृषि विभाग ने कीटनाशक अधिनियम के प्रविधानों के तहत कार्रवाई की। दोनों कृषि केंद्रो के कीटनाशक विक्रय पर प्रतिबंध लगाते हुए संचालकों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया। साथ ही दोनों केंद्रों को सीलबंद कर दिया गया है। संबंधित संचालकों को निर्धारित समयावधि में अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और उन्हें मानक एवं गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए जिलेभर में सघन निरीक्षण अभियान जारी रहेगा।