April 21, 2026


भीषण गर्मी में बच्चों से खेल प्रतियोगिता कराना खतरनाक KVS का फैसला वापस लें : मनीष सिंह गौतम

हीट-वेव के बीच रीजनल स्पोर्ट्स मीट पर भड़के बच्चों की जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

राजनांदगांव :- छत्तीसगढ़ में पड़ रही भीषण गर्मी और हीट-वेव के बीच केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) द्वारा आयोजित प्रदेश स्तरीय रीजनल स्पोर्ट्स मीट को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री एवं कांग्रेस खेल-कूद प्रकोष्ठ के शहर अध्यक्ष, पूर्व राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी मनीष सिंह गौतम ने इस आयोजन को बच्चों की जान से खिलवाड़ बताते हुए तत्काल रद्द या स्थगित करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब पूरा प्रदेश भीषण गर्मी की चपेट में है स्कूलों में अवकाश घोषित किए जा चुके हैं और प्रशासन द्वारा लोगों को घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी जा रही है, ऐसे समय में छात्र-छात्राओं को लंबी यात्रा कराकर खेल मैदान में उतारना बेहद गैर-जिम्मेदाराना फैसला है।

श्री गौतम ने आगे कहा कि केंद्रीय विद्यालय संगठन के डिप्टी कमिश्नर द्वारा लिया गया यह निर्णय पूरी तरह अदूरदर्शी और संवेदनहीन है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से बच्चों को बिना उचित यात्रा व्यवस्था और रिजर्वेशन के भेजा जा रहा है। गर्मी के इस प्रचंड दौर में बच्चों को सफर करने, स्टेशन से विद्यालय तक पहुंचने और फिर धूप में खेल प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है जिससे उनकी तबीयत बिगड़ सकती है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को नजरअंदाज कर लिया गया है, जो किसी भी स्थिति में उचित नहीं कहा जा सकता। जिला प्रशासन और कलेक्टरों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कलेक्टर केंद्रीय विद्यालयों के स्थानीय अध्यक्ष (चेयरमैन) होते हैं ऐसे में उनकी जिम्मेदारी शासन द्वारा जारी हीट-वेव संबंधी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना है। उन्होंने पूछा कि क्या केंद्रीय विद्यालय संगठन जिला प्रशासन और राज्य सरकार के नियमों से ऊपर है? यदि नहीं, तो फिर अब तक इस आयोजन पर रोक क्यों नहीं लगाई गई। श्री गौतम ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दे पर सरकार की चुप्पी चिंताजनक है। शिकायतों के बावजूद कोई त्वरित कार्रवाई नहीं होना दर्शाता है कि सरकार को नौनिहालों के भविष्य और स्वास्थ्य की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते निर्णय नहीं लिया गया तो स्थिति गंभीर हो सकती है। उन्होंने ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बच्चों के हित को सर्वोपरि रखते हुए रीजनल स्पोर्ट्स मीट प्रतियोगिता को तुरंत प्रभाव से रद्द या स्थगित किया जाए।।साथ ही नियमों की अनदेखी करने वाले डिप्टी कमिश्नर और संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टरों से अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए केंद्रीय विद्यालयों में चल रही ऐसी गतिविधियों को तुरंत बंद कराने की अपील की है। श्री गौतम ने चेतावनी दी कि यदि किसी भी बच्चे के स्वास्थ्य को इस लापरवाही के कारण नुकसान पहुंचता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्रीय विद्यालय प्रबंधन, जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार की होगी। प्रदेश में लगातार बढ़ते तापमान और लू के खतरे के बीच यह मुद्दा अब बच्चों की सुरक्षा बनाम प्रशासनिक जिद के रूप में देखा जा रहा है। अभिभावकों में भी इस निर्णय को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। अब सबकी नजर शासन-प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।


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