राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ अपनी स्थापना के रजत जयंती वर्ष के बाद विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। शिक्षा, तकनीक और युवाओं के भविष्य को संवारने की दिशा में राजनांदगांव में तैयार हो रहा नालंदा परिसर शहर के विकास की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बनने जा रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को अब शहर में ही आधुनिक अध्ययन केंद्र की सुविधा मिलने की उम्मीद है। गौरव पथ में लगभघ 12 करोड़ रुपये की लागत से 500 विद्यार्थियों की क्षमता वाला नालंदा परिसर बनाया जा रहा है। नगर निगम की इस परियोजना का 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और अप्रैल 2027 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है।
नालंदा परिसर का निर्माण 13 हजार 206 वर्गमीटर के भूखंड पर हो रहा है। भवन का भूतल 1,720 वर्गमीटर और पहला तल 1,662 वर्गमीटर क्षेत्र में तैयार किया जा रहा है। इसकी डिजाइन राजधानी में स्थापित नालंदा परिसर से प्रेरित है। भवन की रूपरेखा बनाते समय परिसर में मौजूद पेड़ों को कम से कम नुकसान पहुंचाने का ध्यान रखा गया है। यहां सेंट्रल लाइब्रेरी सह रीडिंग जोन विकसित किया जाएगा। विद्यार्थियों को सामान्य अध्ययन, उच्च शिक्षा और सिविल सेवा, मेडिकल, इंजीनियरिंग, कैट तथा मैथ्स ओलिंपियाड जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें उपलब्ध कराने की योजना है। डिजिटल लाइब्रेरी, 24 घंटे वाई-फाई और इंटरनेट सुविधा के साथ स्मार्ट लाइब्रेरी और स्टडी जोन भी बनाया जाएगा। विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के लिए समय-समय पर सेमिनार आयोजित किए जाएंगे।
हरियाली के बीच पढ़ाई का माहौल
परिसर में उद्यान, पैदल पथ और तालाब निर्माण के लिए नगर निगम ने तीन करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रस्ताव शासन को भेजा है। स्वीकृति मिलने पर परिसर का सुंदरीकरण कर विभिन्न प्रजातियों के पेड़-पौधे लगाए जाएंगे। नालंदा परिसर तैयार होने से विद्यार्थियों को शांत वातावरण में अध्ययन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। निर्माण पूरा होने के बाद पुस्तकालय और डिजिटल संसाधनों का प्रभावी संचालन इस परियोजना की उपयोगिता तय करेगा।
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