October 29, 2026


राज्य स्तरीय पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में राजनांदगांव का दमदार प्रदर्शन 5 पदक जीतकर बढ़ाया जिले का गौरव

राजनांदगांव को ‘लिफ्टिंग की नर्सरी’ घोषित करने की जरूरत, लगातार राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमक रहे खिलाड़ी

राजनांदगांव। वेटलिफ्टिंग, पावरलिफ्टिंग और डेडलिफ्टिंग जैसे ताकत के खेलों में राजनांदगांव के खिलाड़ी लगातार अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। हाल ही में दल्लीराजहरा में आयोजित राज्य स्तरीय महिला-पुरुष पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता 2026 में राजनांदगांव के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 5 पदक हासिल किए। यह उपलब्धि दर्शाती है कि राजनांदगांव में पावरलिफ्टिंग की प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। ऐसे में जिले को ‘लिफ्टिंग की नर्सरी’ के रूप में पहचान दिलाने की आवश्यकता है।

23 से 25 अक्टूबर तक दल्लीराजहरा के ओपन थिएटर में दैनिक भास्कर के तत्वावधान एवं बालोद जिला पावरलिफ्टिंग संघ के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रदेशभर के लगभग 250 महिला-पुरुष खिलाड़ियों, कोच और मैनेजर ने हिस्सा लिया। राजनांदगांव जिले से 10 खिलाड़ियों का दल प्रतियोगिता में शामिल हुआ। एक्सपर्ट जिम में अभ्यासरत इन खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता पावरलिफ्टर एवं कोच संतोष साहू के मार्गदर्शन में शानदार प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिता में वरिष्ठ वर्ग में संतोष साहू ने बेंच प्रेस में 150 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक हासिल किया। साईवीर निर्मलकर ने डेडलिफ्ट में 150 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक जीता। समीर साहू ने पावरलिफ्टिंग में कुल 440 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक प्राप्त किया। वहीं बलदाऊ सोनकर ने 250 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक और सूरज साहू ने अपने वर्ग में 305 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक जीतकर जिले का गौरव बढ़ाया। इस प्रकार राजनांदगांव के खिलाड़ियों ने कुल 5 पदक अपने नाम किए।

प्रतिभाओं को मिले बेहतर सुविधाएं और सम्मान

राजनांदगांव के खिलाड़ियों की लगातार सफलता यह सवाल भी खड़ा करती है कि जब जिले के खिलाड़ी सीमित संसाधनों के बावजूद राज्य स्तर पर पदक जीत रहे हैं और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं, तो उन्हें और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए ठोस पहल क्यों न की जाए?

जिले में आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र, उच्चस्तरीय उपकरण, उचित डाइट, आर्थिक सहायता और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिए। प्रतिभावान खिलाड़ियों को समय पर सहयोग मिले, तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में और बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

राजनांदगांव में पावरलिफ्टिंग और लिफ्टिंग से जुड़ी खेल विधाओं की प्रतिभाओं को देखते हुए जिले को ‘लिफ्टिंग की नर्सरी’ के रूप में विकसित करने की दिशा में पहल होनी चाहिए, ताकि यहां के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने और देश-विदेश में जिले का नाम रोशन करने के अधिक अवसर मिल सकें।

पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई

खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर एक्सपर्ट जिम के संरक्षक मनीष सिंह गौतम, डॉ. रोहन सोनकर, अध्यक्ष तामेश्वर बंजारे, अंजू बंजारे, सचिव संदीप सोनी, एकता बंजारे, राज खरे, सुभाष हरिहरनो, कितांश बंजारी, निकिता बंजारे, तानिया बंजारे सहित जिले के खिलाड़ियों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

उक्त जानकारी एक्सपर्ट जिम समिति के सचिव संदीप सोनी ने दी।

राजनांदगांव की पहचान अब केवल खेल प्रतिभाओं तक सीमित न रहे, बल्कि जिले को लिफ्टिंग के क्षेत्र में एक मजबूत केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए भी ठोस प्रयास किए जाएं।

स्व. पुरुषोत्तम अजमानी ने रखी लिफ्टिंग खेल की नींव, आज कई लोग आगे बढ़ा रहे परंपरा

राजनांदगांव में लिफ्टिंग खेल की शुरुआत स्वर्गीय पुरुषोत्तम अजमानी जी ने की थी। उनके द्वारा शुरू की गई इस खेल परंपरा को आज लगातार आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। अमित अजमानी, अजय लोहार, तामेश्वर बंजारे, संतोष साहू, संदीप सोनी, तानिया बंजारे, एकता बंजारे सहित अनेक लोग इस खेल को प्रोत्साहित करने और नई प्रतिभाओं को तैयार करने में अपना योगदान दे रहे हैं।

इन सभी के निरंतर प्रयासों से राजनांदगांव में वेटलिफ्टिंग, पावरलिफ्टिंग और डेडलिफ्टिंग के प्रति खिलाड़ियों का रुझान बढ़ रहा है। खिलाड़ी विभिन्न प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर जिले का नाम रोशन कर रहे हैं। यह सफलता उन लोगों के समर्पण और मेहनत का परिणाम है, जिन्होंने इस खेल को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए हैं।

अब समय आ गया है कि स्व. पुरुषोत्तम अजमानी जी द्वारा शुरू की गई इस खेल परंपरा को और मजबूत बनाया जाए तथा राजनांदगांव को आधिकारिक रूप से ‘लिफ्टिंग की नर्सरी’ के रूप में विकसित करने की दिशा में पहल की जाए। इससे आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा मिलेगी और जिले की खेल प्रतिभाओं को नई पहचान प्राप्त होगी।



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