वैदिक पंचांग के अनुसार, सामान्य जन 26 मार्च को, जबकि वैष्णव समाज 27 मार्च को राम नवमी का पर्व मनाएंगे। प्रभु श्रीराम की कृपा पाने के लिए इस दिन विशेष पूजा विधि, मंत्रों का जप और हवन करने का विधान है।
इस विधि से करें पूजा
राम नवमी मध्याह्न मुहूर्त - सुबह 11 बजकर 13 मिनट से दोपहर 1 बजकर 41 मिनट तक
करें इन मंत्रों का जप1. ॐ श्री रामाय नमः॥
2. ॐ श्री रामचन्द्राय नमः।
3. ॐ रां रामाय नमः।
4. श्रीराम तारक मंत्र - श्री राम, जय राम, जय जय राम।
5. श्रीराम गायत्री मंत्र -ॐ दाशरथये विद्महे सीतावल्लभाय धीमहि।
तन्नो रामः प्रचोदयात्॥
6. श्री राम रक्षा मंत्र - ॐ ह्रां ह्रीं रां रामाय नमः॥
हवन की विधि
राम नवमी के दिन सुबह स्नान के बाद स्वच्छ कपड़े पहनें और पूजा स्थल पर गंगाजल का छिड़काव करें।
अब शुभ मुहूर्त में हवन कुंड (वेदी) स्थापित करें और आम की लकड़ी, कपूर व गोबर के उपले से हवन कुंड में अग्नि प्रज्ज्वलित करें।
हाथ में जल, फूल, और चावल लेकर हवन का संकल्प लें और सबसे पहले गणेश जी का स्मरण करें।
इसके बाद माता दुर्गा और भगवान राम का ध्यान करते हुए जौ, तिल, घी, और हवन सामग्री से 108 आहुतियां दें।
एक सूखा नारियल (गोला) लेकर उसमें बची हुई हवन सामग्री भरें और उसे 'पूर्णाहुति' के रूप में अग्नि में अर्पित कर दें।
अंत में कपूर से भगवान राम की आरती करें।